मायावती (फोटो-सोशल मीडिया)
Mayawati reaction Union Budget 2026: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने रविवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने सरकार द्वारा किए जा रहे बड़े-बड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बजट की सफलता का आकलन कागजी आंकड़ों या ‘वाहवाही’ से नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में आने वाले गुणात्मक परिवर्तन से किया जाना चाहिए।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर हमला बोला। उन्होंने तर्क दिया कि सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की विकास दर से अधिक महत्वपूर्ण यह है कि आम जनता, विशेषकर गरीब और बहुजन समाज के जीवन स्तर में कितना सुधार हुआ है। उनके अनुसार, वर्तमान बजट की प्रशंसा करने से पहले यह देखना जरूरी है कि क्या यह वास्तव में जमीनी स्तर पर कोई बदलाव लाने में सक्षम है।
बसपा प्रमुख ने बजट को सरकार की “नीति और नीयत का आईना” करार दिया। उन्होंने संदेह जताते हुए पूछा कि क्या यह बजट वास्तव में गरीब और बहुजन-हितैषी है या फिर केवल बड़े-बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के हितों की रक्षा करने वाली पूंजीवादी सोच का पोषक है। उन्होंने चेतावनी दी कि योजनाओं के नाम तो बहुत आकर्षक रखे गए हैं, लेकिन इनका परिणाम ‘नाम बड़े और दर्शन छोटे’ जैसा नहीं होना चाहिए।
मायावती ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के कल्याणकारी संविधान की पवित्र मंशा का उल्लेख करते हुए सरकार को याद दिलाया कि वास्तविक आत्मनिर्भरता तभी आएगी जब सरकारी क्षेत्र को महत्व दिया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार की नीतियां दीर्घकाल में देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही हैं या सार्वजनिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी है।
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उन्होंने बजट को “परंपरागत रूप से मायूस करने वाला” बताते हुए कहा कि सर्वसमाज के हित में केवल बातें करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सही नीयत के साथ उन पर अमल करना जरूरी है। मायावती ने अंत में केंद्र सरकार से यह तुलनात्मक आकलन करने को कहा कि क्या पिछले वर्षों के बजटों से लोगों के जीवन में कोई वास्तविक और गुणात्मक परिवर्तन आया है या यह केवल आश्वासनों का एक नया पिटारा मात्र है।