कॉन्सेप्ट फोटो, (सोर्स- सोशल मीडिया)
LPG Cylinder Storage Rules: मिडिल ईस्ट में जारी संकट का असर भारत में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। एलपीजी सिलेंडर को लेकर चारों-तरफ अफरा-तफरी मची है। इस बीच देश में रसोई गैस के इस्तेमाल को लेकर सरकार ने नियमों को और सख्त कर दिया है। हाल ही में सामने आई जानकारी के अनुसार अब LPG सिलेंडर की जमाखोरी और PNG के साथ डबल गैस कनेक्शन रखने पर कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि इन कदमों का मकसद गैस की सप्लाई को संतुलित रखना और जरूरतमंद परिवारों को सुविधा देना है।
ऊर्जा संसाधनों पर बढ़ते दबाव और आयात पर निर्भरता को देखते हुए सरकार ने कानूनी प्रावधानों को सख्ती से लागू करने का संकेत दिया है। आइए समझते हैं कि इन नियमों के तहत क्या-क्या प्रावधान किए गए हैं। इसके अलावा पिछले कुछ दिनों में सरकार ने LPG गैस सिलेंडर को लेकर कई नियम भी बदले हैं।
सरकारी नियमों के अनुसार, घरेलू उपभोक्ता को अधिकतम दो LPG सिलेंडर (14.2 किलोग्राम) रखने की अनुमति है। यदि कोई व्यक्ति बिना वैध अनुमति के 40 किलोग्राम से अधिक LPG स्टोर करता है, तो इसे जमाखोरी माना जाएगा। ऐसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इस कानून की धारा 7 के अनुसार दोषी पाए जाने पर 3 महीने से लेकर 7 साल तक की सजा का प्रावधान है। वहीं, धारा 6A के तहत अतिरिक्त गैस सिलेंडर जब्त किए जा सकते हैं। इतना ही नहीं, नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित उपभोक्ता का गैस कनेक्शन भी रद्द किया जा सकता है।
मार्च 2026 में पेट्रोलियम मंत्रालय ने LPG (आपूर्ति एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 में संशोधन करते हुए एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत अब किसी भी घर में पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG और LPG दोनों कनेक्शन एक साथ रखना अवैध माना जाएगा। सरकार का कहना है कि जहां PNG की सुविधा उपलब्ध है, वहां LPG की आवश्यकता कम हो जाती है। इसलिए ऐसे उपभोक्ताओं को अपना LPG कनेक्शन तुरंत सरेंडर करने के लिए कहा गया है।
हालांकि, यदि कोई उपभोक्ता स्वेच्छा से LPG कनेक्शन वापस करता है तो उस पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाएगा। लेकिन यदि नियमों की अनदेखी की गई और दोनों कनेक्शन एक साथ उपयोग में पाए गए, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।
यह भी पढ़ें: सरकारी कर्मचारियों की उम्मीदों पर फिरा पानी! 8वें वेतन आयोग पर सरकार का बड़ा बयान, ‘साफ इनकार’ से मचा हड़कंप
यदि किसी क्षेत्र में बड़ी मात्रा में गैस सिलेंडर जमा करने या अवैध स्टोरेज की जानकारी मिलती है, तो इसकी शिकायत तुरंत दर्ज कराई जा सकती है। इसके लिए 1906 एलपीजी इमरजेंसी हेल्पलाइन उपलब्ध है, जहां उपभोक्ता सीधे सूचना दे सकते हैं। इसके अलावा जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, स्थानीय प्रशासन या पुलिस को भी ऐसी गतिविधियों की जानकारी दी जा सकती है। सरकार का कहना है कि गैस की उपलब्धता को बनाए रखने और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए आम नागरिकों की जागरूकता भी बेहद जरूरी है।