LPG संकट से होटल और रेस्टोरेंट पर ताला लगने की नौबत, एक्शन में मोदी सरकार, समीक्षा के लिए बनाई टास्क फोर्स
LPG Cylinder Crisis India: भारत में हर साल लगभग 313 लाख टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें से 87 प्रतिशत हिस्सा घरेलू रसोई में इस्तेमाल होता है, जबकि 13 प्रतिशत होटल व्यावसायिक काम में खर्च होता है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
LPG संकट (Image- Social Media)
Commercial LPG Shortage: तेल मंत्रालय ने व्यावसायिक एलपीजी गैस की अचानक कमी को देखते हुए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह कमी होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में गंभीर संकट पैदा कर रही है। उद्योग संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो कुछ ही दिनों में खाने-पीने के ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है।
संकट कैसे शुरू हुआ?
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से होने वाला 85-90% एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है। इसके चलते सरकार ने घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट के लिए व्यावसायिक गैस की किल्लत बढ़ गई है।
समिति की भूमिका
तेल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि तेल विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी सप्लाई से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी।
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In light of current geopolitical disruptions to fuel supply and constraints on supply of LPG, Ministry has issued orders to oil refineries for higher LPG production and using such extra production for domestic LPG use. The ministry has prioritised domestic LPG supply to… — Ministry of Petroleum and Natural Gas #MoPNG (@PetroleumMin) March 9, 2026
एलपीजी की खपत
भारत में सालाना लगभग 313 लाख टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें 87% हिस्सा घरेलू रसोई में और 13% होटल, रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होता है। कुल मांग का 62% आयात से पूरा किया जाता है।
सरकार के कदम
तेल मंत्रालय ने रिफाइनरियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन घटाकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाएं। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके। आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को आयातित एलपीजी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही है।
In informal interaction with a large group of media professionals today, we had detailed discussion on the emerging geopolitical situation and challenges facing the energy markets. Uninterrupted energy imports are flowing into India from routes that are not impacted by the… pic.twitter.com/fE1Pcmbjsj — Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 9, 2026
उद्योग पर असर
PTI के सूत्रों के अनुसार, मुंबई और बेंगलुरु में सप्लाई व्यवधान का असर पहले ही दिखाई देने लगा है। इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी का कहना है कि यह कमी तेजी से फैल रही है और जल्द ही पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है।
आज के एलपीजी सिलेंडर रेट
व्यावसायिक सिलेंडर (कॉमर्शियल)-
- दिल्ली: ₹1883 (19 किग्रा)
- कोलकाता: ₹1990
- मुंबई: ₹1,836.00
- चेन्नई: ₹2043.50
यह भी पढ़ें- जयपुर से बेंगलुरु तक एलपीजी संकट से हाहाकार! 3000 से अधिक होटल बंद, अलर्ट मोड में सरकार
घरेलू सिलेंडर (14.2 किग्रा)-
- दिल्ली: ₹913
- मुंबई: ₹912.50
- कोलकाता: ₹939
- चेन्नई: ₹928.50
कुल मिलाकर, व्यावसायिक एलपीजी की कमी होटल और रेस्टोरेंट उद्योग के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है और सरकार के कदम इसे नियंत्रित करने की कोशिश हैं।
