LPG संकट (Image- Social Media)
LPG Crisis: तेल मंत्रालय ने व्यावसायिक एलपीजी गैस की अचानक कमी को देखते हुए एक विशेष समिति का गठन किया है। यह कमी होटल और रेस्टोरेंट उद्योग में गंभीर संकट पैदा कर रही है। उद्योग संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई जल्द बहाल नहीं हुई, तो कुछ ही दिनों में खाने-पीने के ढाबे और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ सकती है।
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के कारण भारत को सऊदी अरब जैसे देशों से होने वाला 85-90% एलपीजी आयात प्रभावित हुआ है। इसके चलते सरकार ने घरेलू रसोई गैस की सप्लाई को प्राथमिकता दी है, जिससे होटल और रेस्टोरेंट के लिए व्यावसायिक गैस की किल्लत बढ़ गई है।
तेल मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि तेल विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति बनाई गई है। यह समिति रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को एलपीजी सप्लाई से जुड़े मामलों की समीक्षा करेगी।
भारत में सालाना लगभग 313 लाख टन एलपीजी की खपत होती है। इसमें 87% हिस्सा घरेलू रसोई में और 13% होटल, रेस्टोरेंट जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होता है। कुल मांग का 62% आयात से पूरा किया जाता है।
तेल मंत्रालय ने रिफाइनरियों को निर्देश दिए हैं कि वे पेट्रोकेमिकल उत्पादन घटाकर एलपीजी उत्पादन बढ़ाएं। घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी रोकी जा सके। आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों जैसे अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को आयातित एलपीजी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जा रही है।
PTI के सूत्रों के अनुसार, मुंबई और बेंगलुरु में सप्लाई व्यवधान का असर पहले ही दिखाई देने लगा है। इंडिया होटल्स एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विजय शेट्टी का कहना है कि यह कमी तेजी से फैल रही है और जल्द ही पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर सकती है।
व्यावसायिक सिलेंडर (कॉमर्शियल)-
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घरेलू सिलेंडर (14.2 किग्रा)-
कुल मिलाकर, व्यावसायिक एलपीजी की कमी होटल और रेस्टोरेंट उद्योग के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गई है और सरकार के कदम इसे नियंत्रित करने की कोशिश हैं।