नए साल पर शराब की रिकॉर्ड बिक्री, (सोर्स-AI)
Liquor Sale On New Year Evening: 2026 का स्वागत भारत ने केवल आतिशबाजी से नहीं, बल्कि रिकॉर्ड तोड़ शराब की बोतलों के साथ किया है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, नए साल के जश्न के दौरान (25 दिसंबर से 31 दिसंबर) पूरे भारत में शराब की बिक्री ने पिछले साल के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। अकेले राजधानी दिल्ली से लेकर दक्षिण के कर्नाटक तक, आबकारी विभागों के खजाने में अरबों रुपये जमा हुए हैं।
देश की राजधानी दिल्ली हमेशा की तरह शराब की खपत में सबसे आगे रही। यहां, 31 दिसंबर की एक रात में करीब ₹45 करोड़ से ₹50 करोड़ की शराब बिकी। पूरे दिसंबर महीने में दिल्ली में 6 करोड़ से अधिक बोतलें बिकीं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 15% अधिक है।
योगी सरकार की नई आबकारी नीति और नोएडा-लखनऊ जैसे शहरों में पार्टियों के क्रेज ने राजस्व को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया। उत्तर प्रदेश में नए साल के जश्न के दौरान करीब ₹250 करोड़ से ₹300 करोड़ की शराब बेची गई। नोएडा और गाजियाबाद में शराब की दुकानों पर भारी भीड़ देखी गई, जहां एक-एक दुकान से लाखों की सेल हुई।
दक्षिण भारत में कर्नाटक (विशेषकर बेंगलुरु) शराब की खपत का केंद्र बना रहा। कर्नाटक आबकारी विभाग के अनुसार, 31 दिसंबर को राज्य में करीब ₹100 करोड़ से अधिक की शराब बिकी। इसमें बीयर की तुलना में हार्ड शराब (Whisky, Rum) की मांग 20% अधिक रही।
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में ‘न्यू ईयर ईवनिंग’ पर शराब की बिक्री का आंकड़ा ₹120 करोड़ को पार कर गया। वहीं हरियाणा के गुरुग्राम के रिजॉर्ड और पबों में रिकॉर्ड तोड़ भीड़ रही, जिससे राज्य को लगभग ₹80-90 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ।
| राज्य | 31 दिसंबर की सेल (अनुमानित) | प्रमुख कारण |
| दिल्ली | ₹48 करोड़ | रिकॉर्ड पार्टी डेस्टिनेशन |
| उत्तर प्रदेश | ₹280 करोड़ (पूरा राज्य) | नोएडा-लखनऊ का क्रेज |
| कर्नाटक | ₹110 करोड़ | बेंगलुरु की पब संस्कृति |
| तेलंगाना | ₹125 करोड़ | हैदराबाद का जश्न |
1. वीकेंड सेलिब्रेशन: 31 दिसंबर के साथ नए साल का आगमन मिड-वीक और छुट्टियों के तालमेल के कारण सेल बढ़ी।
2.प्रीमियम ब्रांड्स की मांग: इस साल लोगों ने सस्ती शराब के बजाय प्रीमियम और महंगे ब्रांड्स (Single Malt, Premium Scotch) पर ज्यादा खर्च किया।
3.होम डिलीवरी और ई-कूपन: कुछ राज्यों में आसान उपलब्धता ने भी आंकड़ों को बढ़ाया।
ये भी पढ़ें: एक झटके में ‘कंगाल’ हुए निवेशक! ₹50,000 करोड़ गिरा ITC का मार्केट कैप; बजट के फैसले ने बिगाड़ा खेल
यह रिपोर्ट राज्य आबकारी विभागों (State Excise Departments) के शुरुआती आंकड़ों, प्रेस रिलीज और प्रमुख समाचार एजेंसियों (जैसे PTI और ANI) द्वारा दी गई जानकारी पर आधारित है। अंतिम और सटीक आंकड़े वित्तीय ऑडिट के बाद आबकारी विभाग द्वारा जारी किए जाएंगे।