(प्रतीकात्मक तस्वरी)
8th Pay Commission Latest Update: केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। इस इंतजार के बीच कुछ राज्य सरकारें अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते पर फैसले ले रही हैं। इसी कड़ी में केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक आदेश के अनुसार के DA की दर 25% से बढ़ाकर 35% कर दी गई है। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता मार्च महीने के वेतन में दिखाई देगा।
इसी के साथ राज्य सरकार ने पेंशनरों के लिए भी फैसला लिया गया है। पेंशनर्स के महंगाई राहत (DR) में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। बढ़ा हुआ DR अप्रैल से मिलने वाली पेंशन में शामिल किया जाएगा। हालांकि सरकार ने यह भी कहा है कि इस संशोधन से बनने वाले बकाया के भुगतान की प्रक्रिया अलग आदेश के माध्यम से बाद में तय की जाएगी।
केरल सरकार के इस फैसले का फायदा राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ-साथ स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के कर्मचारियों को भी मिलेगा। यह सहायता प्राप्त स्कूलों, कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों पर भी लागू होगा। इसके अलावा फुल-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। संशोधित DA का लाभ पार्ट-टाइम शिक्षकों, पार्ट-टाइम कंटिजेंट कर्मचारियों और दोबारा नियुक्त किए गए पेंशनरों को भी मिलेगा। इनके लिए भत्ते की गणना उनकी पात्र वेतन राशि के आधार पर की जाएगी।
केंद्रीय कर्मचारियों को आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का इंतजार है। वेतन आयोग का गठन पिछले साल नवंबर महीने में किया गया था। इससे पहले, जनवरी के महीने में वेतन आयोग गठन का ऐलान हुआ। वेतन आयोग की सिफारिशें 18 से 20 महीने में लागू होने की उम्मीद है। हाल ही में सरकार ने आठवें वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। आयोग ने मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और अन्य हितधारकों से सुझाव और राय आमंत्रित किए हैं। जवाब जमा करने की अंतिम तिथि 16 मार्च, 2026 है। इससे पता चलता है कि प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई है लेकिन अंतिम रिपोर्ट तैयार होने में अभी समय लगेगा।
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ऐसा माना जा रहा है कि आठवें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने में फिटमैंट फॉर्मूले की बड़ी भूमिका होगी। कर्मचारी संगठनों ने 2.86 से लेकर 3.25 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है। बता दें कि सातवें वेतन आयोग ने 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया था, जिससे न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था।