पेंशन स्कीम। इमेज-एआई
NPS Life Cycle 50 Plan: सरकार ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के नियमों में बदलाव कर इक्विटी में 100 फीसदी निवेश का भी विकल्प दिया है। वैसे, समझदारी है कि कुछ पैसा ऐसे विकल्पों में लगाया जाए, जहां इक्विटी की तरह रिस्क न हो। इसके लिए एनपीएस लाइफ साइकिल 50 बेहतर है। आप बाजार का ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते हैं तो लाइफ साइकिल 50 का विकल्प है। इसमें 35 साल की उम्र तक आप इक्विटी में 50 फीसदी निवेश का विकल्प ले सकते हैं।
बचे 30 फीसदी रकम अन्य तुलना में सुरक्षित विकल्पों में लगा सकते हैं। इस विकल्प में 35 साल बाद इक्विटी में एक्सपोजर घटता जाता है। 45 साल आते-आते 30 फीसदी और 50 साल पूरा होते होते 20 फीसदी एक्सपोजर मिलता है। मतलब उम्र बढ़ने के साथ ज्यादा सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगाया जाता है.
E: इक्विटी और उससे जुड़े विकल्प।
C: कॉरपोरेट डेट और उससे जुड़े विकल्प।
G: गवर्नमेंट बॉन्ड्स और उससे जुड़े विकल्प।
A: अल्टरनेटिव इन्वेस्टमेंट फंड्स। जैसे- CMBS, MBS, REITs, AIFs, InvITs।
एनपीएस ज्वॉइन करने की आयु : 35 साल।
स्कीम : लाइफ साइकिल 50।
हर माह निवेश: 10,000 रुपये।
हर साल टॉपअप : 5%
अनुमानित रिटर्न : 10% सालाना।
कुल कॉर्पस: 1,88,45,868 रुपये
एन्युटी प्लान में निवेश : 40%
अनुमानित एन्युटी रेट : 8%
पेंशन वेल्थ: 75,38,347 रुपए
लंप सम विद्ड्रॉल अमाउंट : 1,13,07,521 रुपए
मंथली पेंशन: 50,256 रुपये
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एनपीएस अकाउंट के लिए इक्विटी एक्सपोजर पर 75 फीसदी तक की लिमिट है। सरकारी कर्मियों के लिए लिमिट 50 फीसदी है। निर्धारित लिमिट में जिस साल निवेशक की उम्र 50 साल होगी, उस साल से शुरू करके हर साल इक्विटी का पोर्सन 2.5 फीसदी कम होगा। हालांकि, 60 साल और उससे अधिक उम्र के निवेशक के लिए लिमिट 50 फीसदी है। यह निवेशकों के हित में रिस्क-रिटर्न इक्वेशन को स्थिर करता है। मतलब कॉर्पस इक्विटी बाजार की अस्थिरता से कुछ हद तक सुरक्षित है। अन्य फिक्स्ड इनकम योजनाओं की तुलना में NPS की अर्निंग क्षमता अधिक है। वैसे, आप निवेश से पहले आप अपने वित्तीय सलाहकार से भी राय जरूर लें।