सिर्फ एक सवाल…और छिन जा रहा भारतीय छात्रों का सपना, डिग्री के बावजूद US में नहीं मिल रही नौकरी
America: पिछले साल अमेरिका में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स में भारतीयों की संख्या अधिक पाई गई थी, लेकिन इस साल इसमें 44% तक की कमी आई है। यह गिरावट ट्रंप 2.0 की नीतियों में बदलाव की ओर इशारा करते हैं।
- Written By: मनोज आर्या
(प्रतीकात्मक तस्वरी)
No Jobs For Indian Student’s in US: F-1 वीजा पर अमेरिका जाने वाले भारतीय स्टूडेंट्स के सामने इन दिनों एक नई चुनौती सामने खड़ी हो गई है। उन्हें नौकरी नहीं मिल पा रही है। नौकरी ढूंढ़ने में परेशानी हो रही है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इंटरव्यू के दौरान उम्मीदवारों से बस एक ही सवाल पूछा जा रहा है- ‘क्या आप अमेरिकी हैं?’ ज्यादातर गैर-अमेरिकी नागरिकों को इस सवाल के बाद नौकरी के मौके से हाथ धोना पड़ रहा है।
पिछले कई दशकों में अमेरिका में भारतीयों ने सफलता के झंडे गाड़े हैं। टेक्नोलॉजी से लेकर बिजनेस, आर्ट और मीडिया, एजुकेशन, इकोनॉमिक्स हर फील्ड में आपको टॉप लेवल पर कोई न कोई भारतीय मिल ही जाएगा।
भारतीय स्टूडेंट्स को आ रही दिक्कतें
भारतीय-अमेरिकी लोगों की आबादी अमेरिका की कुल आबादी का सिर्फ 1.5 परसेंट ही है, लेकिन उच्च शिक्षा दर, अच्छी इनकम और बड़े उद्योगों में लीडरशिप की भूमिकाओं के साथ इनकी सफलता को नकारा नहीं जा सकता। कई मामलों में तो भारतीय-अमेरिकी अमेरिकियों के मुकाबले कई गुना बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद भी अमेरिका में भारतीय स्टूडेंट्स को नौकरी मिलने में अब दिक्कतें आने लगी हैं।
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अमेरिका में कम हो रहे भारतीय छात्र
पिछले साल अमेरिका में इंटरनेशनल स्टूडेंट्स में भारतीयों की संख्या अधिक पाई गई थी, लेकिन इस साल इसमें 44% तक की कमी आई है। यह गिरावट ट्रंप 2.0 की नीतियों में बदलाव और इससे पैदा हुईं समस्याओं की ओर इशारा करती है। भारतीय स्टूडेंट्स अमेरिका में F-1 वीजा पर पढ़ाई करने के लिए जाते हैं। यह तब तक वैलिड रहता है, जब तक कि आपका कोर्स पूरा नहीं हो जाता। कोर्स खत्म होने के बाद स्टूडेंट्स 60 दिन तक अमेरिका में रह सकते हैं, लेकिन फिर उन्हें देश छोड़ना पड़ता है। इसके बाद वीजा के लिए दोबारा अप्लाई करनी पड़ती है F-1 वीजा पर अमेरिका जाने वाले स्टूडेंट्स को वहां रहकर नौकरी करने की भी इजाजत है। हालांकि, इसके लिए पहले से तय कुछ नियम व शर्तें हैं।
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‘रिज्यूमे तक भी नहीं देखा गया’
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हैदराबाद की सुषमा पसुपुलेटी ने 2023 में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में PhD करने के लिए ह्यूस्टन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया। अब अपनी नौकरी की तलाश को लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि हाल ही में हुए एक जॉब फेयर में वह हाथ में रिज्यूमे लेकर एक स्टॉल से दूसरे स्टॉल का बस चक्कर काटती रहीं। लगभग हर रिक्रूटर ने उनसे एक ही सवाल पूछा- क्या आप अमेरिकी नागरिक हैं? जब उन्होंने जवाब दिया नहीं, तो बातचीत आगे बढ़ी ही नहीं। उन्होंने NYT को बताया कि मेरा रिज्यूमे तक भी नहीं देखा गया।
