सांकेतिक तस्वीर (AI जनरेटेड)
Iran-America Tension: ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर तेहरान और वाशिंगटन के बीच बढ़ते तनाव बढ़ गया है। इस तनाव को देखते हुए इंडियन एम्बेसी ने भारतीय नागरिकों को ईरान छोड़ने की सलाह दी है। नागरिकों से कहा गया है कि वे अपने ट्रैवल और पहचान के डॉक्यूमेंट तैयार रखें और एम्बेसी के संपर्क में रहें। जिन भारतीयों ने अभी तक रजिस्टर नहीं किया है, उन्हें एम्बेसी के ऑफिशियल लिंक से ऐसा करने की सलाह दी गई है।
तेहरान में इंडियन एम्बेसी ने 23 फरवरी 2026 की अपनी पिछली एडवाइजरी को दोहराते हुए ईरान में भारतीय नागरिकों (स्टूडेंट्स, तीर्थयात्रियों, बिजनेसमैन और टूरिस्ट) से अपील की है कि वे बदलते हालात को देखते हुए कमर्शियल फ्लाइट्स समेत मौजूद तरीकों का इस्तेमाल करके देश छोड़ दें।
एडवाइजरी में ईरान में भारतीयों से सावधानी बरतने, विरोध प्रदर्शनों से बचने, एम्बेसी के संपर्क में रहने और अपने ट्रैवल और पहचान के डॉक्यूमेंट तैयार रखने की भी अपील की गई है। मदद के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर और एम्बेसी कॉन्टैक्ट डिटेल्स भी दिए गए हैं।
pic.twitter.com/hVDwTTdhja — India in Iran (@India_in_Iran) February 23, 2026
एम्बेसी ने उन भारतीयों को सलाह दी है जिन्होंने अभी तक एम्बेसी में रजिस्टर नहीं किया है वे एंबेसी की आधिकारिक वेबसाइट लिंक से ऐसा करें। भारतीय एंबेसी की तरफ से ये एडवाइजरी मौजूदा अनिश्चितता के बीच नागरिकों की सुरक्षित निकासी को प्राथमिकता देने के लिए दी गई है।
भारतीय दूतावास ने नागरिकों को किसी भी सहायता के लिए कई आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। ईरान में रहने वाले भारतीय नागरिक मोबाइल नंबर +989128109115, +989128109109, +989128109102 और +989932179359 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा नागरिक cons.tehran@mea.gov.in पर ईमेल के जरिए भी संपर्क कर सकते हैं।
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अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम पर नया एग्रीमेंट करने के लिए 10-15 दिन का अल्टीमेटम दिया है, और अगर ऐसा नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे भुगतने की चेतावनी दी है। अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर मिलिट्री फोर्स तैनात की है, जिसमें वॉरशिप, फाइटर जेट और दूसरे रिसोर्स शामिल हैं। ईरान में प्रोटेस्ट और झड़पें बढ़ रही हैं, जिससे सिक्योरिटी की हालत नाजुक हो गई है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी मिलिट्री एक्शन के खतरे से इस इलाके में जंग का खतरा है।