Indian Railway का ‘कवच’ अब और होगा मजबूत, गुजरात-MP रेल नेटवर्क के लिए सरकार ने मंजूर किए ₹398 करोड़
Indian Railways Kavach: रेल मंत्रालय ने गुजरात और मध्य प्रदेश में 1,929 किलोमीटर रेलवे ट्रैक पर ऑप्टिकल फाइबर बिछाने के लिए ₹398.36 करोड़ आवंटित किए हैं जिससे रेल यात्रा अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनेगी।
- Written By: अमन उपाध्याय
वंदे भारत, एआई फोटो
Indian Railways Kavach System Gujarat MP: भारतीय रेलवे को अधिक सुरक्षित और आधुनिक बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने गुजरात और मध्य प्रदेश के रेल नेटवर्क को बेहतर संचार और सुरक्षा प्रणालियों से लैस करने के लिए 398.36 करोड़ रुपये की एक महत्वाकांक्षी परियोजना को हरी झंडी दे दी है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य रेल संचालन में सटीकता लाना और अत्याधुनिक सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ (Kavach) को मजबूती प्रदान करना है।
बिछेगा ऑप्टिकल फाइबर
रेल मंत्रालय के अनुसार, इस योजना के तहत पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद और रतलाम डिवीजनों में कुल 1,929 किलोमीटर के रेल मार्ग पर ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) बिछाई जाएगी। विस्तार से बात करें तो अहमदाबाद डिवीजन में 1,456 किलोमीटर और रतलाम डिवीजन में 473 किलोमीटर रूट पर 2×48 फाइबर ऑप्टिकल केबल डालने का काम किया जाएगा। यह हाई-स्पीड डेटा ट्रांसमिशन के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
‘कवच’ और LTE नेटवर्क
यह नई परियोजना 2024-25 के वर्क्स प्रोग्राम के तहत 27,693 करोड़ रुपये की विशाल राष्ट्रीय योजना का एक अभिन्न हिस्सा है। इसके माध्यम से पूरे देश के रेलवे नेटवर्क पर ‘कवच’ सिस्टम के लिए लॉन्ग टर्म इवोल्यूशन (LTE) आधारित कम्युनिकेशन नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इस नई संचार व्यवस्था से न केवल रेलवे के आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम को सहारा मिलेगा बल्कि ट्रेनों की संचालन क्षमता और उनकी विश्वसनीयता में भी काफी सुधार आने की उम्मीद है।
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क्या है ‘Kavach’ और यह कैसे काम करता है?
‘Kavach’ भारतीय रेलवे द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित एक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन (ATP) सिस्टम है। हाल के वर्षों में हुए गंभीर रेल हादसों को देखते हुए सरकार ने इस सुरक्षा प्रणाली को तेजी से लागू करने पर विशेष जोर दिया है।
यह तकनीक इतनी सटीक है कि यदि लोको पायलट सिग्नल मिस कर देता है या दो ट्रेनें गलती से एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आ जाती हैं तो यह सिस्टम खुद-ब-खुद इमरजेंसी ब्रेक लगा देता है, जिससे बड़ी दुर्घटनाएं टल सकती हैं। पश्चिम रेलवे के लिए इस कार्य हेतु 2,800 करोड़ रुपये की एक अलग उप-परियोजना भी मंजूर की गई है।
यात्री सुविधाओं पर ₹34,000 करोड़ का निवेश
सुरक्षा के साथ-साथ सरकार यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए भी भारी निवेश कर रही है। पिछले तीन वर्षों में यात्री सुविधाओं के आधुनिकीकरण के लिए 34,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मंजूर की गई है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, 2024-25 के लिए 12,884 करोड़ रुपये और 2025-26 के लिए 12,018 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
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स्टेशनों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए देश के 76 प्रमुख स्टेशनों पर विशेष कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश-उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर 23 स्थायी ‘होल्डिंग एरिया’ बनाए जा रहे हैं ताकि यात्रियों को सुगम और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।
