ऑपरेशन सिंदूर में पाक को पिलाया पानी, अब चीन की नींद उड़ाने के लिए कस ली कमर

अपने डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने के लिए भारत ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि भारत सरकार मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी एएमसीए प्रोजेक्ट शुरू करने वाला है।
अपने डिफेंस सेक्टर को मजबूत करने के लिए भारत ने एक बहुत बड़ा फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि भारत सरकार मेक इन इंडिया पहल के अंतर्गत एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी एएमसीए प्रोजेक्ट शुरू करने वाला है।
एएमसीए फाइटर जेट (सौ. सोशल मीडिया )
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22 जुलाई को कश्मीर के पहलगाम में मासूम टूरिस्टों पर हुए आतंकी हमले के बाद पूरी दुनिया ने भारत का दम देखा। ऑपरेशन सिंदूर की कार्रवाई में मेक इन इंडिया हथियारों ने दुश्मन देश पाकिस्तान के इरादे पस्त कर दिए थे।

इन मेक इन इंडिया हथियारों की बदौलत ही पाकिस्तान कई देशों के सपोर्ट के बाद भी घुटनों पर आ गया था। इन मेक इन इंडिया हथियारों का पावर देखने के बाद अब भारत ने अपनी सैन्य ताकत को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा काम कर लिया है। अब भारत स्वदेशी 5th जनरेशन का फाइटर जेट बनाने की तैयारी कर रहा है, जिसके लिए देश में एडवांस मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी एएमसीए प्रोजेक्ट भी शुरू हुआ है।

इस प्रोजेक्ट के अंतर्गत मेक इन इंडिया मुहिम में 5वीं पीढ़ी का फाइटर जेट सरकारी और प्राइवेट कंपनियों की मदद से तैयार किया जाने वाला है। एएमसीए प्रोजेक्ट के बारे में इंडस्ट्रियल वर्ल्ड के दिग्गजों से बात करते हुए रक्षा मंत्री ने ये बयान दिया है कि इस प्रोजेक्ट से डिफेंस सेक्टर को मजबूती मिलेगी। आइए हम जानते हैं कि रक्षा मंत्री ने इसको लेकर और क्या कहा है।

आखिर क्या हैं ये मेक इन इंडिया एएमसीए प्रोजेक्ट?

ऑपरेशन सिंदूर में भारत से बुरी तरह पिटने के बाद पाकिस्तान टीन से 5वीं जनरेशन का फाइटर जेट खरीदने की तैयारी कर रहा है। इस को ध्यान में रखते हुए मेक इन इंडिया एएमसीए प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसमें देश की सरकारी और प्राइवेट कंपनी मिलकर मेक इन इंडिया 5वीं जनरेशन का फाइटर जेट विकसित करेंगे। इंडियन इकोनॉमी को लेकर RBI ने की भविष्यवाणी, कहा- भारत बनेगा सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था

डिफेंस सेक्टर पर मेक इन इंडिया का असर

डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह ने जानकारी दी है कि 10-11 साल पहले, हमारा डिफेंस प्रोडक्शन 43,000 करोड़ रुपये का था। आज प्राइवेट सेक्टर के द्वारा 32,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के योगदान के साथ 1,46,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गया है। डिफेंस एक्सपोर्ट जो 10 साल पहले तकरीबन 600-700 करोड़ रुपये था, आज वो 24,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गया है। मेक इन इंडिया हथियार अब लगभग 100 से ज्यादा देशों को एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं।

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