आयुष मंत्रालय (सौ. सोशल मीडिया )
Union Budget 2026: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र को आधुनिक बनाने और इसे वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बनाने के लिए एक बड़ा रोडमैप पेश किया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वास्थ्य मंत्रालय के लिए ₹1,06,530.42 करोड़ का आवंटन प्रस्तावित किया है, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक है। इस बजट का मुख्य फोकस भारत को ‘मेडिकल टूरिज्म’ का वैश्विक केंद्र बनाना और युवाओं के लिए कौशल आधारित रोजगार सृजित करना है।
सरकार ने निजी क्षेत्र के साथ साझेदारी में पांच ‘क्षेत्रीय चिकित्सा हब’ (Regional Medical Hubs) बनाने की योजना का प्रस्ताव रखा है। ये हब एकीकृत स्वास्थ्य देखभाल परिसरों (Integrated Healthcare Complexes) के रूप में कार्य करेंगे।
उद्देश्य: इनमें एक ही स्थान पर अत्याधुनिक चिकित्सा उपचार, उच्च स्तरीय शिक्षा और गहन अनुसंधान (Research) की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मेडिकल टूरिज्म: इन हबों के माध्यम से भारत को अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए एक किफायती और विश्व स्तरीय गंतव्य के रूप में स्थापित किया जाएगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यबल को मजबूत करने के लिए सरकार ने सहायक स्वास्थ्य पेशेवरों (Allied Health Professionals) के लिए एक नई योजना की घोषणा की है। मंत्रालय ने पहली बार इसके लिए ₹1,000 करोड़ का विशेष प्रावधान किया है।
10 प्रमुख क्षेत्र: इसमें रेडियोलॉजी, ऑप्टोमेट्री, एनेस्थीसिया, ओटी टेक्नोलॉजी और व्यवहार संबंधी स्वास्थ्य जैसे 10 चुने हुए क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
लक्ष्य: अगले पांच वर्षों में एक लाख युवाओं को कुशल बनाकर इस क्षेत्र से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में नए एएचपी संस्थान स्थापित किए जाएंगे।
सरकार ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली प्रमुख केंद्रीय योजनाओं के फंड में भी वृद्धि की है:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM): इसका बजट ₹37,100.07 करोड़ से बढ़ाकर ₹39,390 करोड़ कर दिया गया है।
आयुष्मान भारत (PM-JAY): गरीबों के लिए वरदान साबित हुई इस योजना का आवंटन 5.6% बढ़ाकर ₹9,500 करोड़ किया गया है।
डिजिटल हेल्थ: राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन के लिए ₹350 करोड़ और टेली-मानस (मानसिक स्वास्थ्य) के लिए ₹51 करोड़ निर्धारित किए गए हैं।
देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को भी इस बजट से बड़ी राहत मिली है। नई दिल्ली स्थित एम्स (AIIMS) का बजट बढ़ाकर ₹5,500.92 करोड़ कर दिया गया है। वहीं, स्वास्थ्य अनुसंधान के लिए आईसीएमआर (ICMR) को ₹4,821.21 करोड़ दिए गए हैं, जो चिकित्सा क्षेत्र में नई खोजों को बढ़ावा देंगे।
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इसके अतिरिक्त, सरकार ने बुजुर्गों की देखभाल (Senior Care) के लिए एक मजबूत प्रणाली विकसित करने का वादा किया है, जो भविष्य में सहायक देखभाल सेवाओं (Supportive Care) के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करेगी। यह बजट न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान करता है, बल्कि भारत को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक आत्मनिर्भर और वैश्विक महाशक्ति बनाने की ओर अग्रसर है।