Budget 2026: हवा में बातें न करें राहुल, आंकड़ों के साथ आएं; बजट पर उठाए सवालों को वित्त मंत्री ने किया खारिज
Rahul Gandhi vs Nirmala Sitharaman: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर आप राजनीतिक रूप से आलोचना करना चाहते हैं, तो आपका स्वागत है।
- Written By: मनोज आर्या
निर्मला सीतारमण और राहुल गांधी, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Nirmala Sitharaman Replied to Rahul Gandhi: केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्षी नेता राहुल गांधी द्वारा लगाए गए आरोपों का कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत की आर्थिक बुनियाद न केवल मजबूत है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर बजट की आलोचना करते हुए इसे “वास्तविक संकटों से आंख मूंदने वाला” बताया था। उन्होंने दावा किया कि देश में बेरोजगारी बढ़ रही है, विनिर्माण गिर रहा है और निवेश कम हो रहा है।
समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने का दावा
राहुल गांधी के इन्हीं तर्कों पर पलटवार करते हुए सीतारमण ने कहा कि मुझे नहीं पता कि वह किन चीजों को दुरुस्त करने की बात कर रहे हैं। अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे मजबूत बने हुए हैं और यह आर्थिक समीक्षा में भी स्पष्ट है। वित्त मंत्री ने मीडिया से बातचीत में बताया कि बजट में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME), वस्त्र उद्योग, चमड़ा उद्योग और महिला उद्यमियों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की गई हैं।
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उन्होंने विशेष रूप से ‘लखपति दीदी’ योजना की सफलता का उल्लेख किया, जिसने ग्रामीण महिलाओं के जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। सरकार अब क्लस्टर स्तर पर ‘स्वयं सहायता उद्यमी (शी) मार्ट्स’ स्थापित करने जा रही है, जो सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट के रूप में कार्य करेंगे।
12 वर्षों की आर्थिक यात्रा और राजकोषीय अनुशासन
सदन में बजट 2026 पेश करते हुए सीतारमण ने पिछले 12 वर्षों के शासन का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि 12 साल पहले सत्ता संभालने के बाद से भारत की प्रगति स्थिरता, राजकोषीय अनुशासन और मध्यम मुद्रास्फीति वाली रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह सब उन सचेत निर्णयों का परिणाम है जो वैश्विक व्यवधानों के समय में भी लिए गए। सरकार ने ‘आत्मनिर्भरता’ को मार्गदर्शक सिद्धांत मानकर घरेलू विनिर्माण और ऊर्जा सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है।
विपक्ष को तथ्यों पर बहस की चुनौती
सीतारमण ने राहुल गांधी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर आप राजनीतिक रूप से आलोचना करना चाहते हैं, तो आपका स्वागत है। लेकिन यदि आपके पास तर्क और तथ्य हैं, तो मैं सुनने और जवाब देने के लिए तैयार हूं। उन्होंने विनिर्माण और घरेलू बचत के मुद्दों पर विपक्ष के दावों को निराधार बताते हुए कहा कि सार्वजनिक निवेश और संरचनात्मक सुधारों ने भारत को आयात पर निर्भरता कम करने में मदद की है।
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यह बजट न केवल भविष्योन्मुखी है, बल्कि उन वर्गों तक भी पहुंच रहा है जो दुर्गम इलाकों या ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं। सरकार का मानना है कि राजकोषीय सूझबूझ और मौद्रिक स्थिरता के कारण ही भारत आज दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी धाक जमाए हुए है।
