GST में बदलाव पर बड़ा अपडेट, 22 सितंबर से लागू होगी नई दरें! त्योहारी सीजन पर सरकार की नजर
GST Reform: केंद्र के अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों वाली यह परिषद, जीएसटी रेट को आसान बनाने और स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर मंत्रिसमूह की सिफारिशों पर विचार करेगी।
- Written By: मनोज आर्या
अगस्त में ₹1.86 लाख करोड़ का GST कलेक्शन, (कॉन्सेप्ट फोटो)
GST Reforms: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद, भारत की त्योहारी मांग को बढ़ावा देने के लिए 22 सितंबर के आसपास नए जीएसटी टैक्स स्लैब लागू करेगी। सरकारी सूत्रों के हवाले से एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में बताया गया है कि नई जीएसटी टैक्स रेट का कार्यान्वयन संभवतः 22 सितंबर के आसपास होगा, जो नवरात्रि उत्सव के साथ होने की उम्मीद है।
गौरतलब है कि जीएसटी परिषद 3-4 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत के सरलीकृत दो स्ट्रक्चर वाले जीएसटी टैक्स स्लैब पर विचार-विमर्श करने के लिए बैठक करेगी। सूत्रों के अनुसार, जीएसटी परिषद के अंतिम फैसले के लगभग पांच से सात दिन बाद नोटिफिकेशन जारी की जाने लगेंगी।
मंत्रिसमूह के बैठक में बनी सहमति
केंद्र के अलावा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों वाली यह परिषद, जीएसटी रेट को आसान बनाने, कंपनसेशन सेस और स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा पर मंत्रिसमूह की सिफारिशों पर विचार-विमर्श करेगी। राज्य मंत्रियों वाले मंत्रिसमूह (GoM) की इस सप्ताह की शुरुआत में बैठक हुई और सैद्धांतिक रूप से केंद्र के दो-स्तरीय जीएसटी प्रस्ताव पर सहमति बनी।
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जीएसटी के दो स्लैब का प्रस्ताव
केंद्र द्वारा जीओएम को प्रस्तावित सुधार के अनुसार, जीएसटी 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की दो दर वाली स्ट्रक्चर होनी चाहिए, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं को ‘योग्यता’ और ‘मानक’ के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। अल्ट्रा-लक्ज़री कारों और कुछ चुनिंदा वस्तुओं पर 40 प्रतिशत की विशेष दर लगाई जाएगी। इस बीच, कुछ श्रम-प्रधान वस्तुओं पर 0.1 प्रतीशत, 0.3%, या 0.5% की रियायती कम दरें जारी रहेंगी ताकि रोजगार प्रमुख सेक्टरों को मदद मिल सके।
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पीएम मोदी भी कर चुके हैं जीएसटी सुधार का ऐलान
वर्तमान में जीएसटी 5, 12, 18 और 28% की चार स्लैब का स्ट्रक्चर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस 2025 पर, मौजूदा टैक्स रेट को और भी आसान बनाने के लिए अगली पीढ़ी के जीएसटी सुधारों, जिन्हें जीएसटी 2.0 कहा गया है, की घोषणा की। 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद से इसे सबसे महत्वपूर्ण सुधारों में से एक बताते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने आम आदमी, किसानों, मध्यम वर्ग और एमएसएमई को राहत देने के लिए आगामी अगली पीढ़ी के बदलावों की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।
