सरकार के फैसले से आम जनता को राहत, GST में बदलाव से सस्ती होंगी ये चीजें; 7% से कम लगेगा टैक्स
GST: 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पीएम मोदी ने जीएसटी दरों में एक बड़े बदलाव को लेकर संकेत दिए थे। इसके बाद वित्त मंत्रालय ने भी मौजूदा 4 जीएसटी स्लैब को घटाकर दो करने की बात कही है।
- Written By: गीतांजली शर्मा
फुट वियर और कपड़े होंगे सस्ते (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
GST Reform: केंद्र सरकार द्वारा जीएसटी सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया गया है। दरअसल, सरकार 12 और 28 प्रतिशत टैक्स वाले स्लैब को खत्म करने पर विचार कर रही है, जिससे, कपड़ा-फुटवियर से लेकर घी-मक्खन तक सस्ते हो जाएंगे। वर्तमान समय में 1000 रुपये से अधिक कीमत वाले शर्ट-पैंट और फुटवियर खरीदने पर 12 प्रतिशत टैक्स लगता है, जबकि 1000 रुपये से कम कीमत वाले शर्ट-पैंट व फुटवियर पर पांच प्रतिशत जीएसटी देना पड़ता है। लेकिन जीएसटी सिस्टम में बदलाव की वजह से अब सभी प्रकार के शर्ट-पैंट और फुटवियर पर 5% टैक्स लगेगा।
7% तक टैक्स में आई कमी
सरकार ने टैक्स को लेकर नए प्रस्ताव जारी किए हैं। नए बदलाव के मुताबिक, 12 प्रतिशत के स्लैब में शामिल 99 प्रतिशत उत्पादों को पांच प्रतिशत कर की श्रेणी में शामिल कर दिया जाएगा। जिससे, रोजमर्रा इस्तेमाल होने वाले सामानों पर अब पहले की तुलना में 7% तक कम टैक्स लगेगा। इसका सीधा फायदा ग्राहकों को मिलेगा। उनके पॉकेट राशि में राहत आएगी।
इन सामानों की खरीद पर टैक्स- पे, में मिलेगी राहत
- ड्राइ फ्रूट
- सभी प्रकार के पैक्ड नमकीन
- प्रोसेस्ड फूड
- चटनी
- जैम
- जेली
- पैक्ड नारियल पानी
- पैक्ड जूस
- 20 लीटर वाली पानी की पैक्ड बोतल
- पास्ता
- पेंसिल
- टूथ पाउडर
- जूट व काटन का हैंडबैग
- शॉपिंग बैग
मोमबत्ती - टायलेट में इस्तेमाल होने वाले सामान
- मच्छरदानी
- म्यूनीज
- विभिन्न प्रकार की आयुर्वेदिक व अन्य दवाइयां
- पास्ता
- परदा
- किचनवेयर
- फसल काटने वाली मशीन
- थ्रेशिंग मशीन
- मेडिसिनल ग्रेड आक्सीजन
- सिंथेटिक धागे
- एल्युमीनियम के बर्तन
- स्पोर्ट्स गुड्स
- फर्नीचर, नट-बोल्ट
- सिलिकान वेफर
- रेलवे में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद
जीएसटी बदलाव पर विशेषज्ञों की राय
जीएसटी में हुए बदलाव को लेकर विशेषज्ञों ने अपनी राय दी है। उनका मानना है कि टैक्स की दरों में बदलाव से सरकार के राजस्व पर अधिक फर्क नहीं पड़ेगा। क्योंकि जीएसटी के मामले में मिलने वाला 65 % राजस्व, 18 प्रतिशत के स्लैब से प्राप्त होता है। नए बदलाव के तौर पर 12 प्रतिशत के स्लैब को हटाए जाने से राजस्व संग्रह में इस स्लैब की हिस्सेदारी सिर्फ पांच प्रतिशत होने के कारण सरकारी राजस्व इस मामले में चिंता मुक्त है।
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नए नियम के तहत 5% जीएसटी वसूली तय
नए बदलाव के अनुसार जिन उत्पादों पर 12 प्रतिशत की टैक्स लग रही थी, अब उन उत्पादों पर 5 प्रतिशत जीएसटी वसूला जाएगा। ऐसा नहीं है कि, इन उत्पादों को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। जीएसटी राजस्व में 28 प्रतिशत के स्लैब की हिस्सेदारी 11 प्रतिशत है और अब इसके उत्पादों को 18 प्रतिशत में शामिल कर दिया जाएगा। 28 प्रतिशत जीएसटी दर में काफी कम उत्पाद शामिल हैं। कई जीएसटी विशेषज्ञ इनमें से कई उत्पादों पर 40 प्रतिशत जीएसटी लगाने का प्रस्ताव दे रहे हैं।
