दिवाली के पहले मिलेगा ‘सस्ता’ प्याज, आज से ‘कांदा एक्सप्रेस’ महंगाई पर लगाएगी लगाम, मोदी सरकार का धांसू प्लान
देश त्योहारों के इस समय में प्याज की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए और बाजार में प्याज की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अब उपभोक्ता मंत्रालय ने प्याज के हाई डिमांड वाले शहरों के लिए कांदा एक्सप्रेस चलाने का फैसला लिया है।
- Written By: राहुल गोस्वामी
दिवाली के पहले मिलेगा 'सस्ता' प्याज
नई दिल्ली: देश त्योहारों के इस समय में प्याज की बढ़ती कीमतों को कंट्रोल में रखने के लिए और बाजार में प्याज की उपलब्धता बनाए रखने के लिए अब उपभोक्ता मंत्रालय ने प्याज के हाई डिमांड वाले शहरों के लिए कांदा एक्सप्रेस चलाने का फैसला लिया है।जानकारी दें कि सरकार त्योहारों के मद्देनजर प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए बफर स्टॉक (भंडार) से 1,600 टन प्याज पहली बार आज महाराष्ट्र से दिल्ली तक रेलवे के जरिये पहुंचाएगी। प्याज के लिए रेल का इस्तेमाल किए जाने की यह पहली पहल होगी।
इस मुद्दे पर उपभोक्ता मंत्रालय का कहना है कि प्याज की कीमतें बढ़ने के पीछे होर्डिंग करने वाले व्यापारी भी हैं जो जानबूझकर प्याज बाजार में ही नहीं लाते। लेकिन सरकारी प्याज बाजार में आ जाने से उनके प्याज़ की क़ीमतें भी अब गिरेंगीं।
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इस बाबत ‘कांदा एक्सप्रेस’ नाम की विशेष ट्रेन महाराष्ट्र के लासलगांव रेलवे स्टेशन से रवाना होगी और आज 20 अक्टूबर को दिल्ली के किशनगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंचेगी। सरकार को उम्मीद है कि इस आपूर्ति से दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कीमतों को स्थिर करने में मदद मिलेगी, जहां बफर स्टॉक का प्याज वर्तमान में 35 रुपये प्रति किलोग्राम की रियायती दर पर बेचा जा रहा है।
वर्तमान में देश के विभिन्न शहरों में प्याज की खुदरा कीमतें 75 रुपयेयकिलोग्राम तक पहुंच गई हैं। खरे ने कहा, ‘‘ यह एक ऐतिहासिक पहल है।” उन्होंने कहा कि इसी तरह की व्यवस्था लखनऊ, वाराणसी और असम, नगालैंड तथा मणिपुर सहित पूर्वोत्तर राज्यों में भी की जाएगी। सरकार नुकसान को कम करने के लिए ‘सीलबंद कंटेनर’ परिवहन के लिए लॉजिस्टिक कंपनी कॉनकॉर्ड के साथ भी बातचीत कर रही है।
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जानकारी दें कि, थोक कीमतें कम करने के लिए प्याज की नीलामी मौजूदा बाजार दरों पर की जाएगी। इस बाबत नासिक से दिल्ली तक एक ट्रेन (56 ट्रकों के बराबर) के परिवहन पर रेल द्वारा 70.20 लाख रुपये का खर्च आता है, जबकि सड़क मार्ग से 84 लाख रुपये का खर्च आता है। इस प्रकार प्रति ट्रेन 13.80 लाख रुपये की बचत होती है।
जानकारी गें कि सरकार बीते 5 सितंबर से मोबाइल वैन, भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ (एनसीसीएफ) तथा भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ (नेफेड) दुकानों, ई-कॉमर्स मंच, मदर डेयरी की सफल दुकानों और केन्द्रीय भंडार सहित विभिन्न माध्यमों से भंडार में रखे प्याज को रियायती दरों पर बेच रही है। खुदरा कीमतें कम करने के लिए अपनी कार्रवाई तेज करते हुए दिवाली से पहले ‘मोबाइल वैन’ की संख्या 600 से बढ़ाकर 1,000 कर दी जाएगी।
फिलहाल बफर स्टॉक के 4।7 लाख टन प्याज में से 91,960 टन एनसीसीएफ तथा नेफेड को आवंटित किया गया है। वहीं 86,000 टन गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, गोवा, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश और मणिपुर सहित विभिन्न राज्यों को भेजा गया है। इन उपायों और महाराष्ट्र से अपेक्षित ताजा फसल की आवक के साथ सरकार मूल्य स्थिरीकरण को लेकर आशान्वित है। भंडार से प्याज का औसत खरीद मूल्य 28 रुपयेयकिलोग्राम है।
फिलहाल खुदरा बाजार में प्याज 55 रुपए से लेकर 80 रुपए के बीच बिक रही है, जबकि उपभोक्ता मंत्रालय NCCF और NAFED के ज़रिए यही प्याज 35 रूपए में उपलब्ध करी रहा है। उम्मीद है कि दिवाली से पहले खुदरा बाजार में प्याज की कीमत जल्द ही 35 रुपये से नीचे की क़ीमत पर भी बिकने लगेगी। (एजेंसी इनपुट के साथ)
