साल के आखिरी दिन फिसले सोने-चांदी के भाव, 6% से अधिक टूटा सिल्वर, देखें लेटेस्ट रेट
Gold-Silver Rate Today: साल के अंत में MCX पर सोने में 1% और चांदी में 6% की गिरावट, निवेशकों ने मुनाफा वसूला। अमेरिकी डॉलर मजबूती और फेड नीति का असर भी देखा गया।
- Written By: अक्षय साहू
सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट (सोर्स- सोशल मीडिया)
Gold-Silver Prices Fall: साल के आखिरी दिन (31 दिसंबर) को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी गई। सुबह के कारोबार में सोने की कीमतों में लगभग 1% की कमी आई, जबकि चांदी के भाव में 6% से अधिक की तेजी से गिरावट दर्ज हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट रिकॉर्ड ऊंचाई पर प्रॉफिट बुकिंग के कारण हुई।
MCX पर फरवरी फ्यूचर्स गोल्ड 0.75% गिरकर 1,35,644 रूपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, मार्च फ्यूचर्स सिल्वर 6% से अधिक टूटकर 2,35,373 रूपये प्रति किलो पर पहुंच गया। सुबह 9:15 बजे तक, MCX गोल्ड 0.63% गिरकर 1,35,800 रूपये प्रति 10 ग्राम पर था, जबकि MCX सिल्वर 6.23% गिरकर 2,35,373 रूपये प्रति किलो पर था।
घरेलू स्पॉट गोल्ड की कीमतों में बढ़ोतरी
इस साल घरेलू स्पॉट गोल्ड की कीमतों में 76% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि चांदी की कीमतें लगभग 170% उछल गई। गिरावट के पीछे मुख्य कारण व्यापारियों द्वारा मुनाफा वसूलना है, क्योंकि दोनों धातुओं में इस साल अभूतपूर्व उछाल देखा गया था।
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विशेषज्ञों के मुताबिक, इस साल सोने की कीमतों में तेजी के मुख्य कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती और आगामी साल में और कटौती की उम्मीदें, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, बढ़ी हुई भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं और एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड्स (ETFs) में निवेश रहे। चांदी की कीमतों में उछाल का एक अतिरिक्त कारण मजबूत औद्योगिक मांग और तंग आपूर्ति रही। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं में अस्थिरता जारी रह सकती है, क्योंकि ऊंचे स्तरों पर मांग में थकान देखने को मिल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बात करें तो अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स फरवरी में 1% से अधिक गिरकर 4,345 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस पर आ गए। यह गिरावट डॉलर की मजबूती और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दिसंबर बैठक के मिनट्स के बाद आई, जिनमें अधिकारियों के बीच अतिरिक्त दर कटौती के समय और परिमाण को लेकर मतभेद देखा गया।
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अमेरिकी फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) की अगली बैठक 27-28 जनवरी को निर्धारित है। बाजार में 2026 में दो दर कटौतियों की संभावना जताई जा रही है, हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि केंद्रीय बैंक जनवरी में मौजूदा स्थिति बनाए रख सकता है।
