चांदी के आयात पर सरकार का बड़ा एक्शन, खरीदने से पहले अब लेनी होगी इजाजत, नियमों में हुए कई और बड़े बदलाव
India New Import Policy For Silver: भारत सरकार ने आयात बिल नियंत्रित करने के लिए चांदी के आयात को 'फ्री' से 'रिस्ट्रिक्टेड' श्रेणी में डाला और सोने के नियमों को भी सख्त कर दिया है।
- Written By: अक्षय साहू
भारत सरकार ने चांदी आयात को लेकर नई नीति लागू की (सोर्स- सोशल मीडिया)
New Silver Import Policy in India: भारत सरकार ने हाल ही में सोने-चांदी पर लगने वाले आयात शुल्क में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। अब सरकार ने चांकी के आयात को लेकर भी एक बड़ा फैसला किया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत विदेशी व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने नई अधिसूचना जारी करते हुए सिल्वर बार्स समेत चांदी की कई श्रेणियों के आयात को ‘फ्री’ से बदलकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में डाल दिया है। इसका मतलब है कि अब इन वस्तुओं के आयात के लिए सरकारी मंजूरी लेना जरूरी होगा।
DGFT के ओर से जारी की गई अधिसूचना मुताबिक, आईटीसी (HS) कोड 71069221 और 71069229 के तहत आने वाली सिल्वर बार्स पर नई शर्तें लागू की गई हैं। पहले इनका आयात रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के नियमों के तहत ‘फ्री’ कैटेगरी में किया जा सकता था, लेकिन अब इन्हें ‘रिस्ट्रिक्टेड’ श्रेणी में रखा गया है।
कच्ची चांदी पर भी लागू होंगे नियम
सरकार ने केवल सिल्वर बार्स ही नहीं, बल्कि बिना ढली हुई चांदी (कच्ची सिल्वर), अर्ध-निर्मित चांदी (सेमी-मैन्युफैक्चर्ड सिल्वर) और चांदी के पाउडर जैसे उत्पादों के आयात पर भी सख्ती बढ़ाई है। अब इन श्रेणियों में आयात करने के लिए संबंधित सरकारी अनुमति जरूरी होगी। हालांकि, कुछ मामलों में आयात को RBI के दिशा-निर्देशों के अंतर्गत भी रखा गया है। यह बदलाव आईटीसी (एचएस) वर्गीकरण के तहत आयात नीति अनुसूची में संशोधन करके किया गया है।
सम्बंधित ख़बरें
Gold-Silver Rate Today: मजबूत डॉलर के कारण भारत में सोना-चांदी हुआ सस्ता, जानें अपने शहर का भाव
Gold-Silver Rate Today: मजबूत डॉलर के आगे बेदम हुआ सोना-चांदी, एक झटके में 11,700 रुपये तक घटे रेट
विदेशी निवेशकों की वापसी के बाद भी Share Market सुस्त, 75,490 अंकों पर खुला सेंसेक्स, निफ्टी की भी धीमी शुरुआत
महंगाई का डबल अटैक! आज से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3-3 रुपए का हुआ इजाफा, चेक करें अपने शहर का रेट
सोने-चांदी के आयात शुल्क में बढ़ोतरी
सरकार का यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब देश में कीमती धातुओं का आयात बिल लगातार बढ़ रहा है। केंद्र सरकार सोना और चांदी के आयात पर निगरानी बढ़ाकर विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाले दबाव को कम करना चाहती है।
इससे पहले सरकार ने सोना और चांदी पर आयात शुल्क 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया था। साथ ही, रत्न एवं आभूषण निर्यातकों के लिए एडवांस ऑथराइजेशन (AA) योजना के तहत ड्यूटी-फ्री गोल्ड इंपोर्ट के नियम भी सख्त किए गए थे।
नए नियमों के तहत क्या बदलेगा?
सरकार ने नए नियमों के तहत एडवांस ऑथराइजेशन योजना में प्रति लाइसेंस अधिकतम 100 किलोग्राम सोने के आयात की सीमा तय कर दी है। पहली बार आवेदन करने वाली कंपनियों के लिए निर्माण इकाइयों का फिजिकल निरीक्षण भी अनिवार्य किया गया है।
इसके अलावा, पुराने लाइसेंस के तहत कम से कम 50 प्रतिशत निर्यात दायित्व पूरा करने के बाद ही नई अनुमति दी जाएगी। ड्यूटी-फ्री गोल्ड आयात करने वाले निर्यातकों को अब हर 15 दिन में चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित आयात-निर्यात रिपोर्ट भी जमा करनी होगी।
सोने के आयात में 24 प्रतिशत का इजाफा
सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सोने का आयात 24 प्रतिशत से अधिक बढ़कर रिकॉर्ड 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया। हालांकि आयात की मात्रा कम रही, लेकिन अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेजी के कारण कुल आयात बिल बढ़ गया।
यह भी पढ़ें- डिजिटल गोल्ड निवेश अब होगा सुरक्षित! फ्रॉड रोकने के लिए बना नया SRO; जानें निवेशकों को क्या होगा फायदा
भारत में सबसे अधिक सोना स्विट्जरलैंड से आयात किया गया, जबकि यूएई और दक्षिण अफ्रीका दूसरे और तीसरे बड़े स्रोत रहे। हालांकि, सरकार का मानना है कि इन कदमों से कीमती धातुओं के आयात पर बेहतर नियंत्रण होगा और देश के बढ़ते आयात बिल को संतुलित करने में मदद मिलेगी।
