सोने-चांदी की कीमत में गिरावट जारी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Gold-Silver Price Today 17 Feb: भारतीय सर्राफा बाजार में इन दिनों भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहे हैं, और 17 फरवरी 2026 की सुबह ने निवेशकों और सामान्य खरीदारों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर दी है। सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट आई है, जिससे बाजार में हलचल मच गई है। मंगलवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी ₹2,856 (1.19%) की गिरावट के साथ ₹2,37,035 प्रति किलो पर पहुंच गई है।
वहीं, सोना की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है, सोना ₹1,053 (0.68%) टूटकर ₹1,53,707 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड हो रहा है। इस गिरावट के बाद हर किसी के मन में सवाल उठ रहा है कि क्या सोना और चांदी अभी और सस्ते होंगे, या यह खरीदारी का सही समय है?
मंगलवार सुबह के कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट देखने को मिली है। चांदी ₹2,856 (1.19%) की भारी गिरावट के साथ ₹2,37,035 प्रति किलो के स्तर पर आ गई है, और सोना ₹1,053 (0.68%) टूटकर ₹1,53,707 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा है। यह गिरावट संकेत देती है कि बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है, जिससे निवेशकों और खरीदारों को कुछ राहत मिल रही है।
बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली के कारण कीमतों पर दबाव है। ऐसे में जो लोग शादियों के सीजन में गहने बनवाना चाहते हैं या निवेश करने का विचार कर रहे हैं, वे यह सोचने में उलझे हैं कि क्या कीमतें फिर से अपने उच्चतम स्तर तक जाएंगी या गिरावट का यह सिलसिला जारी रहेगा।
भारत में सोने और चांदी के प्रति लोगों का आकर्षण रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में सोने का आयात 349.22 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर (USD 12 Billion) पर पहुंच गया है। इसके अलावा, चांदी का आयात भी 127 प्रतिशत बढ़कर 2 अरब डॉलर के पार चला गया है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में कीमती धातुओं की मांग बहुत अधिक है।
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भारत सरकार अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करने जा रही है। पहले, भारत अपनी सोने और चांदी की जरूरतों के लिए यूएई जैसे देशों पर निर्भर था, लेकिन अब सरकार अमेरिका से ज्यादा सोना और चांदी खरीदने की योजना बना रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, इस बदलाव से घरेलू बाजार में सोने और चांदी की कीमतें घट सकती हैं, और अमेरिका के साथ भारत का व्यापार संतुलन भी बेहतर हो सकता है।