समीर मोदी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
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दिल्ली हाई कोर्ट ने Sameer Modi Case पर दिया बड़ा फैसला; मां के खिलाफ मारपीट का मामला किया रद्द

Sameer Modi Case Settlement Update: जस्टिस सौरभ बनर्जी को बताया गया कि दोनों पार्टियों के बीच के झगड़े अब सुलझ गए हैं साथ ही समीर मोदी ने अपनी शिकायत वापस भी ले ली है।

अमन मौर्या

Bina Modi Sameer Modi Case Update: दिल्ली हाई कोर्ट ने गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के पूर्व एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर समीर मोदी (Sameer Modi) केस पर सोमवार को बड़ा फैसला लिया है। समीर मोदी द्वारा अपनी मां बीना मोदी, वकील ललित भसीन और मां के पर्सनल सिक्योरिटी सुरेंद्र प्रसाद के खिलाफ मारपीट का केस फाइल किया गया था इसे कोर्ट ने अब रद्द कर दिया। जस्टिस सौरभ बनर्जी को बताया गया कि दोनों पार्टियों के बीच के झगड़े अब सुलझ गए हैं साथ ही समीर मोदी ने अपनी शिकायत वापस भी ले ली है। बता दें कि समीर मोदी द्वारा फाइल किए गए केस में ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही को चुनौती देते हुए ललित भसीन, मां बीना मोदी और सुरेंद्र प्रसाद ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने मार्च में कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। सोमवार को हाई कोर्ट की सुनवाई में बीना मोदी, समीर मोदी और ललित भसीन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से शामिल हुए थे।

समीर मोदी ने किया कंफर्म

जस्टिस सौरभ बनर्जी ने समीर मोदी (Sameer Modi) ने कन्फर्म किया कि कोई रकम नहीं बताई गई है। कोई सेटलमेंट डीड नहीं है। मिस्टर मोदी, आप शिकायत करने वाले हैं। क्या आपने समझौता किया है? इस पर समीर मोदी ने कंफर्म किया कि वे अपनी शिकायत वापस ले लिए हैं। इस आधार पर कोर्ट ने समीर की मां बीना मोदी, ललित भसीन के खिलाफ क्रिमिनल कार्रवाई रद्द कर दिया। घटना के बाद समीर मोदी ने झगड़े के दौरान उनके साथ मारपीट करने का आरोप लगाया था। उनके अनुसार इसमें उनकी उंगली में फ्रैक्चर हो गया था और सर्जरी कराने की जरूरत पड़ी थी। शिकायत मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने मार्च 2025 में एक चार्जशीट फाइल किया। इसमें केवल सिक्योरिटी ऑफिसर को ही आरोपी बनाया गया था। इसमें कहा गया था कि बीना मोदी और भसीन के खिलाफ सबूत काफी नहीं हैं। इस पर समीर मोदी ने कोर्ट में प्रोटेस्ट पिटीशन के जरिए इसे चैलेंज किया था। साथ ही केस में उन्हें भी शामिल करने की मांग की थी।

फरवरी में कोर्ट ने लिया संज्ञान

मामले को संज्ञान में लेते हुए फरवरी 2026 में एक ट्रायल कोर्ट ने माना कि आरोपियों के संभावित रूप से शामिल होने या उनके बीच मिलन-भाव का सुझाव देने वाले काफी प्राइमा फेसी मटीरियल मौजूद थे। इस दौरान कोर्ट ने इस बात पर भी जोर दिया कि ऐसे मटीरियल के लिए ट्रायल जरूरी हो जाता है, जिससे कि आगे की कार्रवाई के लिए समन जारी किया जा सके। बीना मोदी की तरफ से सीनियर एडवोकेट राजीव नैयर पेश हुए थे।

बता दें कि मोदी परिवार बिजनेस एम्पायर में नियंत्रण को लेकर कानूनी लड़ाई में लगा हुआ है। बीना मोदी पर उनके बेटे समीर मोदी ने फैमिली ट्रस्ट को गलत प्रकार से मैनेज करने का आरोप लगाया था। साथ ही बोर्ड के जरूरी फैसलों से उन्हें बाहर रखने का भी आरोप लगाया था। इन आरोपों को बीना मोदी ने गलत बताया है। समीर मोदी की शिकायत के बाद मारपीट का मामला शुरू हुआ। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना 30 मई, 2024 को गॉडफ्रे फिलिप्स इंडिया के जसोला ऑफिस में हुई थी। उस मीटिंग में भसीन भी शामिल हुए थे।

2 घंटे तक मीटिंग में रहे समीर मोदी

बीना मोदी की तरफ से दिल्ली हाई कोर्ट में सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी पेश हुए थे। उनका तर्क था कि यह मामला पूरी तरह से गलत काम का है। उन्होंने कहा कि बीना मोदी और ललित भसीन कथित हाथापाई का हिस्सा नहीं थे और असल में उन्होंने समीर मोदी को मीटिंग में आने के लिए कहकर स्थिति को शांत किया था। मुकुल रोहतगी ने यह भी बताया कि इस दौरान समीर मोदी करीब 2 घंटे तक मीटिंग में बैठे रहे उसके बाद जाकर कथित हमले के बारे में शिकायत की।

पुलिस को मिली शिकायत के अनुसार, समीर मोदी (Sameer Modi) कंपनी की एक बोर्ड मीटिंग में शामिल होने की कोशिश में थे। उसी समय उनकी मां बीना के पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर सुरेंद्र प्रसाद ने उन्हें शामिल होने से रोक दिया। इसमें दावा किया था कि वह उनके निर्देश पर ही काम कर रहे थे।

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