इनकम टैक्स रिटर्न, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Income Tax Return Filing: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने वालों के लिए डेडलाइन अब खत्म हो चुकी है। पुराने साल यानी 2025 के साथ 31 दिसंबर को आईटीआर फाइल करने की आखिरी तारीख खत्म हो गई है, वहीं नए साल की शुरुआत होते ही अब आपको इसके लिए विकल्प का चुनाव करना होगा। लेकिन यह विकल्प महंगा और सीमित है। रिपोर्ट के अनुसार, आईटीआई फाइल करने की डेडलाइन खत्म होने के बाद अभी भी करीब 70 लाख लोग ऐसे हैं, जिन्होंने ITR नहीं भरा है। अब ऐसे में वे लोग क्या कर सकते हैं जिन्होंने आटीआर फाइल नहीं किया है, आइए सबकुछ विस्तार से जानते हैं।
गौरतलब है कि जिन्होंने आईटीआर फाइल नहीं किया है उनके लिए अब बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का भी विकल्प खत्म हो चुका है। इसके लिए आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2025 ही थी। सेक्शन 139(4) के तहत बिलेटेड रिटर्न को 31 दिसंबर तक फाइल किया जा सकता था।
बता दें कि बिलेटेड रिटर्न फाइल करने के लिए 1000 से 5000 रुपये तक की लेट फीस लगती है। जिनकी आय 5 लाख रुपये से कम है, उनके लिए यह फीस 1000 रुपये थी। इसके अलावा बकाया टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ता है। अब आइए जानते हैं कि बिलेटेड रिटर्न फाइल करने का भी ऑप्शन नहीं बचा है तो फिर कौन सा विकल्प है।
आईटीआर को फाइल करने की डेडलाइन खत्म होने के बाद करीब 70 लाख लोगों ने इसे फाइल नहीं किया है। उनके लिए अब अपडेटेड रिटर्न फाइल करने का ऑप्शन है। जी हां, जिनको अब अपनी यह फाइलिंग करनी है तो उनके लिए अब अपडेटेड रिटर्न यानी ITR-U का ऑप्शन बचा है। आप असेसमेंट ईयर खत्म होने के 48 महीने तक सेक्शन 139(8A) के तहत अपडेटेड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।
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जानकारी के अनुसार, अपडेटेड रिटर्न फाइल करने पर पेनल्टी का नियम है। इसमें अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है। इस नियम के तहत पहले साल में 25 फीसदी, दूसरे साल में 50 फीसदी, तीसरे साल में 60 फीसदी और चौथे साल में 70 फीसदी तक अतिरिक्त टैक्स देना पड़ता है। अधिक जानकारी के लिए आप इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर विजिट कर सकते हैं।