केंद्र का राज्य सरकारों को अल्टीमेटम, घटिया हेलमेट बनाने वालों पर करें कार्रवाई
देश की सरकार ने राज्य सरकारों को लो क्वालिटी के हेलमेट के कारण होने वाले रोड एक्सीडेंट के चलते सख्त एक्शन लेने का फैसला लिया है। बिना बीआईएस सर्टिफिकेशन वाले हेलमेट के खिलाफ कार्रवाई करने कहा है।
- Written By: अपूर्वा नायक
रोड साइड हेलमेट की दुकान (सौ. सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने देश के सभी राज्यों की सरकार के लिए एक अल्टीमेटम जारी किया है। केंद्र सरकार ने राज्यों से टू व्हीलर ड्राइवर्स की सिक्योरिटी सुनिश्चित करने के लिए घटिया क्वालिटी के हेलमेट बेचने वाले मैन्यूफैक्चर्स और रिटेलर्स के खिलाफ सख्त से सख्त एक्शन लेने के लिए कहा है।
शनिवार को एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि कंज्यूमर्स मामलों के विभाग और भारतीय मानक ब्यूरो यानी बीआईएस देश भर के कंज्यूमर्स से सिर्फ बीआईएस-प्रमाणित हेलमेट का उपयोग करने की अपील करते हैं।
विभाग ने बीआईएस सर्टिफिकेशन के बिना हेलमेट के मैन्यूफैक्चरिंग या सेल्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी आह्वान किया। विभाग ने कहा है कि भारतीय सड़कों पर 21 करोड़ से ज्यादा टू-व्हीलर्स हैं, इसलिए चालक की सुरक्षा सबसे ऊपर होती है।
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उन्होंने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत हेलमेट पहनना अनिवार्य है। विभाग ने बताया कि घटिया हेलमेट की बिक्री सुरक्षा से समझौता करती है। वर्ष 2021 से एक गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू है, जिसके तहत सभी दोपहिया वाहन चालकों के लिए बीआईएस मानकों के तहत प्रमाणित आईएसआई-चिह्नित हेलमेट अनिवार्य है।
जून 2025 तक, पूरे भारत में 176 मैन्यूफैक्चरर्स हैं, जिनके पास सुरक्षात्मक हेलमेट के लिए वेलिड बीआईएस लाइसेंस हैं। बयान में कहा गया है कि विभाग ने पाया है कि सड़क किनारे बेचे जाने वाले कई हेलमेट में अनिवार्य बीआईएस सर्टिफिकेशन का अभाव है, जिससे कंज्यूमर्स को काफी रिस्क होता है और रोड़ एक्सीडेंट में कई लोगों की मौत हो जाती है।
गुणवत्ता मानकों को लागू करने के लिए, बीआईएस नियमित रूप से कारखाने और बाजार की निगरानी करता है। पिछले वित्त वर्ष के दौरान, 500 से ज्यादा हेलमेट सेंपल की टेस्टिंग की गई और बीआईएस स्टैंडर्ड मार्क के दुरुपयोग के लिए 30 से ज्यादा तलाशी और जब्ती अभियान चलाए गए।
दिल्ली में एक अभियान में, 9 मैन्यूफैक्चरर्स से 2,500 से ज्यादा गैर-अनुपालन वाले हेलमेट जब्त किए गए, जिनके लाइसेंस खत्म हो चुके थे या रद्द कर दिए गए थे। अभियान में 17 रिटेलर्स और रोड़ के किनारे पर इसी तरह की कार्रवाई में लगभग 500 घटिया हेलमेट जब्त किए गए।
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इससे पहले, उपभोक्ता मामलों के विभाग ने जिला कलेक्टरों यानी डीसी और जिला मजिस्ट्रेटों यानी डीएम को एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने और दोपहिया सवारों के लिए गैर-अनुपालन वाले हेलमेट बेचने वाले विनिर्माताओं और खुदरा विक्रेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए लिखा था। बीआईएस शाखा कार्यालयों को इस अभियान को सहयोग देने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभागों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने का आदेश दिया गया है।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
