

Highlights:
केंद्र सरकार ने दिवाली से ठीक पहले कर्मचारियों को राहत देने का फैसला किया है।
कैबिनेट बैठक के बाद कर्मचारियों केDA में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की मंजूरी दी गई है।
वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत निर्धारित की गई है।
Central Employees DA Hike Announced: केंद्र सरकार ने दिवाली से ठीक पहले अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। कैबिनेट बैठक के बाद सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी की मंजूरी दी है। केंद्र सरकार के इस कदम से सरकारी कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से लड़ने में मदद मिलेगी।
बता दें कि वर्तमान समय में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत निर्धारित की गई है। इस बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को मिलने वाली महंगाई भत्ता 63 प्रतिशत हो जाएगी।
गौरतलब है कि आठवें वेतन आयोग के बीच सरकारी कर्मचारियों में महंगाई भत्ते को लेकर चिंता थी। हालांकि, केंद्र सरकार ने उनकी इन चिंताओं को दूर करते हुए उन्हें राहत पहुंचाने का फैसला किया है। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले से देश के करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिलेगा।
महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को महंगाई और बढ़ते खर्च से निपटने में मदद के लिए दिया जाने वाला अतिरिक्त पैसा है। महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत बढ़ोतरी का मतलब है कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों को पहले से 3 प्रतिशत ज्यादा डीए मिलेगा, जिसे उनकी बेसिक सैलरी के प्रतिशत के तौर पर गणना किया जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों की महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों और पेंशन धारकों के डीए और डीआर में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह 1 जुलाई 2026 से लागू होगा।
अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, इस बढ़ोतरी से सरकारी खजाने पर कुल सालाना खर्च 10,016 करोड़ रुपये होगा। यह बदलाव 7वें सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशों पर आधारित फॉर्मूले के हिसाब से है। सरकार साल में दो बार, आमतौर पर जनवरी और जुलाई में महंगाई भत्ता और महंगाई राहत में बदलाव करती है, ताकि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई से निपटने में मदद मिल सके।
महंगाई भत्ता काम कर रहे कर्मचारियों को बेसिक सैलरी के एक प्रतिशत के तौर पर दिया जाता है, जबकि महंगाई राहत पेंशन लेने वालों के लिए इसी तरह का फायदा है। दोनों का मकसद बढ़ती कीमतों के असर को कम करना है।
अप्रैल 2026 में मंजूर पिछले बदलाव में डीए और डीआर में 2 प्रतिशत पॉइंट की बढ़ोतरी की गई थी, जिससे यह रेट बेसिक सैलरी और पेंशन का 60 प्रतिशत हो गया था।