

छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार में बड़ा कदम।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- नागरिकों की मांग हुई पूरी।
रायपुर से धमतरी तक ट्रेन चलाने की तैयारी तेज।
रावघाट पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ा।
Raipur To Dhamtari New Train: छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी को विस्तार देने की दिशा में रेलवे ने नई योजनाओं का ऐलान किया है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि रावघाट से रायपुर तक ट्रेन चलाने की नागरिकों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय नई ट्रेन सेवा का शुभारंभ कर रहे हैं। वहीं, रायपुर से कुरूद तक रेल सेवा शुरू होने के बाद आने वाले कुछ महीनों में रायपुर से धमतरी तक भी ट्रेन चलाने की तैयारी है।
रेलमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रेलवे के विकास में बड़ा बदलाव आया है। देश के जिन इलाकों को अब तक रेल नेटवर्क से नहीं जोड़ा जा सका था, उन्हें भी कनेक्टिविटी देने का काम किया जा रहा है। उन्होंने रावघाट का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र पहली बार रेलवे नेटवर्क से जुड़ रहा है। इससे स्थानीय नागरिकों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भविष्य की रेल योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आने वाले समय में रायपुर से रावघाट, जगदलपुर और कोल्हापुर होते हुए विशाखापत्तनम तक रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। इससे बस्तर सहित प्रदेश के दूसरे क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने और यात्रियों की सुविधा बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
रेलमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में रेलवे के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के लिए रेलवे बजट बढ़कर करीब 7,500 करोड़ रुपये हो गया है। प्रदेश में लगभग 57 हजार करोड़ रुपये के रेलवे कार्य किए जा रहे हैं।
वैष्णव ने कहा कि केंद्र और राज्य में डबल इंजन सरकार होने से रेलवे परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से उनकी मुलाकात हुई थी। इस दौरान परियोजनाओं पर तेजी से काम करने को लेकर चर्चा हुई। रेलमंत्री ने भरोसा दिलाया कि छत्तीसगढ़ में रेलवे के विकास के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने दी जाएगी। अब देखना होगा कि घोषित योजनाएं और प्रस्तावित रेल कनेक्टिविटी तय समय में जमीन पर कितनी तेजी से उतरती हैं।