Budget 2026: कब आ रहा है Economic survey? क्या जताई जा रही है उम्मीद, सर्वे में बतायी जाती हैं ये खास बातें
Union Budget 2026: संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू होगा, केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश होगा, और आर्थिक सर्वेक्षण 29 जनवरी 2026 को GDP, रोजगार, महंगाई और नीतिगत सुझावों सहित पेश किया जाएगा।
- Written By: अक्षय साहू
29 जनवरी को आएगा आर्थिक सर्वेक्षण 2026 (सोर्स- सोशल मीडिया)
Economic Survey 2026: संसद का बजट सत्र 2026 इस साल 28 जनवरी से शुरू होगा और 2 अप्रैल तक चलेगा। इस सत्र के पहले दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पारंपरिक संबोधन करेंगी। संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति ने 9 जनवरी को इस सत्र की तिथियां जारी की हैं। इस बार केंद्रीय बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा, जो रविवार के दिन पड़ रहा है। यह 26 वर्षों में पहला मौका होगा जब बजट रविवार को पेश होगा।
बजट पेश होने से पहले आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाता है। इस साल मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन 29 जनवरी को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने ट्वीट में बताया कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति ने बजट सत्र के लिए संसद को बुलाने की मंजूरी दी है। बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी 2026 को समाप्त होगा और दूसरा चरण 9 मार्च 2026 से शुरू होगा।
नौवीं बार बजट पेश निर्मला सीतारमण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी। उनके अलावा पी. चिदंबरम ने नौ बार और मोरारजी देसाई ने दस बार केंद्रीय बजट पेश किया है। स्वतंत्र भारत में यह 88वां बजट होगा। पहले बजट 28 फरवरी को पेश किया जाता था, लेकिन 2017 से इसे 1 फरवरी को पेश किया जाता है ताकि प्रस्ताव अगले वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से लागू किए जा सकें। बजट आमतौर पर लोकसभा में सुबह 11 बजे पेश किया जाता है।
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क्या होता है आर्थिक सर्वेक्षण?
आर्थिक सर्वेक्षण 2026 एक वार्षिक रिपोर्ट है, जो पिछले साल भारत की अर्थव्यवस्था की स्थिति का विश्लेषण करती है। यह रिपोर्ट बड़े मैक्रोइकॉनॉमिक ट्रेंड्स, सेक्टोरल परफॉर्मेंस, विकास के प्रमुख ड्राइवर्स, जोखिम और संरचनात्मक मुद्दों का आकलन पेश करती है।
सर्वे का उद्देश्य यूनियन बजट के लिए डेटा-आधारित और विश्लेषणात्मक आधार तैयार करना है। यह ग्रोथ, महंगाई, रोजगार, बाहरी व्यापार और अन्य आर्थिक वास्तविकताओं का मूल्यांकन करके आने वाली बजटीय प्राथमिकताओं और नीतिगत फैसलों के पीछे का तर्क स्पष्ट करता है।
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आर्थिक सर्वेक्षण2026 में संभावित विषय
- मैक्रोइकॉनॉमिक प्रदर्शन: GDP ग्रोथ, महंगाई, फिस्कल डेफिसिट और बाहरी आर्थिक संकेतक।
- सेक्टरल एनालिसिस: कृषि, उद्योग, सेवाएँ, इन्फ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार से मूल्यांकन।
- रोजगार और श्रम बाजार: जॉब क्रिएशन, वर्कफोर्स पार्टिसिपेशन और लेबर मार्केट ट्रेंड्स।
- वित्तीय क्षेत्र: बैंकिंग, क्रेडिट ग्रोथ और कैपिटल मार्केट के विकास पर नजर।
- सामाजिक संकेतक: स्वास्थ्य, शिक्षा और आर्थिक असमानता।
- आउटलुक और जोखिम: अगले साल की ग्रोथ संभावनाएँ और वैश्विक तथा घरेलू चुनौतियाँ।
- नीतिगत सुझाव: अक्सर स्ट्रक्चरल सुधार और मध्यम अवधि की प्राथमिकताओं पर फोकस।
- विशेष थीमैटिक चैप्टर्स: डिजिटलाइजेशन, जलवायु कार्रवाई, उत्पादकता और डेमोग्राफिक ट्रेंड जैसे उभरते मुद्दों पर ध्यान।
