क्या बजट के बाद घट सकते हैं सोने के दाम, ज्वेलर्स एसोसिएशन ने रखी वित्त मंत्री के सामने ये मांग

बजट पेश होने से पहले ज्वेलरी इंडस्ट्री ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ये मांग की है कि सरकार आभूषण पर लगने वाली जीएसटी को कम करें। मौजूदा हालात में ज्वेलरी की कीमतें काफी तेजी से बढ़ रही है।
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गोल्ड एंड सिल्वर (सौजन्य : सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : 1 फरवरी 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा पेश किए जाने वाले बजट से पूरे देश को कई प्रकार की उम्मीद है। ऐसे में ज्वेलरी इंडस्ट्री भी कहा पीछे रहने वाली है। उम्मीद जतायी जा रही है कि देश की अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सरकार सभी सेक्टर्स को राहत देने की तैयारी में हैं। इसी सिलसिले में ज्वेलरी इंडस्ट्री, एनर्जी सेक्टर से लेकर एग्रीकल्चर सेक्टर तक सभी को इस बजट से कुछ खास उम्मीद हैं।

बजट पेश होने से पहले ज्वेलरी इंडस्ट्री ने भी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से ये मांग की है कि सरकार आभूषण पर लगने वाली जीएसटी को कम करें। मौजूदा हालात में ज्वेलरी की कीमतें काफी तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सरकार ये करें कि सोने पर लगने वाले टैक्स रेट को 3 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत तक कर दिया जाना चाहिए। टैक्स रेट कम होने से आभूषण बनाने के लिए लगने वाली लागत भी कम हो सकती है, जिसका सीधा फायदा देश की जनता को हो सकता है। जिसके कारण देश में शहरी और ग्रामीण एरिया में भी सोने की डिमांड बढ़ सकती है।

जीएसटी दर को करें कम

आपको बता दें कि फिलहाल सोने और चांदी की कीमतों में भारी तेजी देखने के लिए मिल रही है, जिसके कारण सोने की खरीदारी में गिरावट आ रही है। साथ ही ज्वेलर्स की सेल्स भी घटी है। इसीलिए ज्वेलरी इंडस्ट्री ये चाहती है कि सरकार आभूषणों पर लगाए जाने वाली जीएसटी दर को कम करें।

एनर्जी सेक्टर पर विशेष ध्यान

केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 में केंद्रीय बजट से एनर्जी सेक्टर के लिए 19100 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। इस बार भी सरकार बजट को बढ़ा सकती है। इसके अलावा इस बजट में केंद्र सरकार नई नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी की भी घोषणा कर सकती है। अगले साल के लिए जारी होने वाले बजट में बिजली सुधार वितरण के लिए राज्यों को एक्स्ट्रा डिस्काउंट दिए जाने पर भी विचार किया जा सकता है।

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