बजट से मध्यम वर्ग को है उम्मीद, घर खरीदने के मौके हो सकते हैं आसान

23 जुलाई को पेश होने वाले बजट में वित्त मंत्री से मांग की जा रही है कि वो कुछ ऐसा प्रावधान लेकर आए जिससे घर खरीदना और भी आसान हो जाए। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस मांग को लेकर बजट में कुछ रियायत दे सकती है।
Budget expectations for Middle Class Home Buyers
प्रधानमंत्री आवास योजना ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : इन दिनों सबसे कठिन काम घर बनाना है, क्योंकि चाहे घर बनाना हो या फ्लैट खरीदना ये काफी महंगा हो गया है। कोरोना महामारी के बाद प्रॉपर्टी के रेट में भारी बढ़त देखनो को मिल रही है। इस बढ़त के कारण मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए घर खरीदने का सपना देखना काफी महंगा हो गया है।

कुछ दिनों पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आवास क्षेत्र से जुड़े कुछ विशेषज्ञों से मुलाकात की थी। इस बैठक में इन विशेषज्ञों द्वारा मांग रखी गई थी कि प्रॉपर्टी के बढ़ते हुए रेट को कम करने के लिए इस बजट में कुछ प्रावधान लाया जाए और इससे जुड़ी रियायतें भी मिलनी चाहिए। कुछ जानकार बता रहे है कि इस डिमांड को लेकर वित्त मंत्री एक्शन ले सकती है और घर खरीदने की इच्छा रखने वाले लोगों को बड़ी सौगात दे सकती है।

हर वर्ष बढ़ रहे प्रॉपर्टी के दाम

कोरोना काल के बाद से पिछले 4 सालों में प्रॉपर्टी के रेट आसमान छू रहे है। फ्लैट से लेकर प्लॉट सभी के दामों में प्रति वर्ष 15-20 प्रतिशत की बढ़त हो रही है। इसके अलावा घर बनाने में लगने वाली निर्माण सामग्री भी महंगी हो रही है। इसके कारण शहरों में निम्न आय वर्ग और मध्य आय वर्ग वाले लोगों के लिए बनाए जाने वाले फ्लैट की कीमतें भी बढ़ती जा रही है। वर्तमान समय में सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत घर बनाने वाले और घर खरीदने के लिए लेने वाले लोन पर सब्सिडी देती है। सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 2.67 लाख रुपये की सब्सिडी देती है। इस बजट में लोग चाहते है कि सरकार इस सब्सिडी को बढ़ा दे, जिसके कारण उन्हें घर लेने में आसानी हो सके।

किफायती आवास का बढ़े दायरा

बीते काफी समय से ये मांग की जा रही है कि किफायती आवासीय प्रॉपर्टी का दायरा बढ़ाया जाए। किफायती आवास योजना के अंतर्गत वर्तमान समय में 45 लाख रुपये तक का फ्लैट और घर खरीदने पर जीएसटी से जुड़ी रियायत मिलती है, साथ ही 45 लाख से कम की प्रॉपर्टी खरीदने पर सरकार को 1 प्रतिशत जीएसटी की भुगतान करना होता है। इसको लेकर आरबीआई ने सुझाव दिया था कि मेट्रो सिटी में 65 लाख और गैर-मेट्रो सिटी में 50 लाख रूपये की प्रॉपर्टी खरीदने पर जीएसटी की ये दर लागू होनी चाहिए। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि इस बजट में सरकार इस सीमा को बढ़ाकर 65 लाख रुपये तक कर सकती है।

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