Budget 2026: रेलवे के लिए हो सकता है 2.80 लाख करोड़ का रिकॉर्ड आवंटन, AI और स्लीपर वंदे भारत का दिखेगा जलवा

Vande Bharat Expansion: रेल बजट 2026 में 2.80 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आवंटन की उम्मीद है। इसमें स्लीपर वंदे भारत, अमृत भारत 3.0 और AI तकनीक से वेटिंग लिस्ट खत्म करने पर जोर दिया जाएगा।
Budget 2026: Indian Railways Set for ₹2.80 Lakh Crore Record Budget and Sleeper Vande Bharat
रेल बजट 2026 में 2.80 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड आवंटन की उम्मीद (सोर्स-सोशल मीडिया)
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Railway budget allocation 2026 expectations: भारतीय रेलवे के लिए वित्त वर्ष 2026-27 एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी साल साबित होने वाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण इस बजट में रेलवे के लिए 2.70 से 2.80 लाख करोड़ रुपये आवंटित कर सकती हैं। इस भारी निवेश का मुख्य उद्देश्य यात्रियों की सुविधा और वेटिंग लिस्ट के संकट को पूरी तरह खत्म करना है। सरकार का विजन AI तकनीक और नई पीढ़ी की ट्रेनों के जरिए रेल सफर की सूरत बदलना है।

रिकॉर्ड बजट आवंटन

रेल मंत्रालय को इस बार बजट में अब तक का सबसे बड़ा आवंटन मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। सरकार 2.70 लाख करोड़ से 2.80 लाख करोड़ रुपये के बीच की ऐतिहासिक राशि रेलवे के लिए रख सकती है। यह बड़ी राशि रेल लाइनों के विस्तार, नई ट्रेनों के निर्माण और आधुनिक तकनीक पर खर्च की जाएगी।

स्लीपर वंदे भारत का आगमन

लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए सरकार जून तक 8 नई स्लीपर वंदे भारत ट्रेनें चलाएगी। पूरे वित्त वर्ष के दौरान देशवासियों को ऐसी कुल 12 अत्याधुनिक स्लीपर ट्रेनों की बड़ी सौगात मिल सकती है। ये ट्रेनें विशेष रूप से रात के सफर को सुगम बनाने के लिए डिजाइन की गई हैं ताकि यात्री सोकर सफर कर सकें।

अमृत भारत 3.0 और तकनीक

मध्यम वर्ग के लिए अमृत भारत ट्रेनों का विस्तार जारी रहेगा और मार्च तक इनका नया वर्जन 3.0 आएगा। अमृत भारत 3.0 पूरी तरह से वातानुकूलित (AC) कोचों के साथ आएगी जिसके रैक ICF में तैयार हो रहे हैं। रेलवे अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक नवाचारों के जरिए यात्रियों की सुरक्षा और अनुभव बेहतर करेगा।

वेटिंग लिस्ट से छुटकारा

अगले दो वर्षों में वेटिंग लिस्ट की समस्या को पूरी तरह खत्म करना रेल मंत्रालय का प्रमुख लक्ष्य है। इसके लिए रेलवे अतिरिक्त कोचों के निर्माण और नई पीढ़ी की ट्रेनों के संचालन पर विशेष ध्यान दे रहा है। ट्रैक दोहरीकरण और इंजनों के निर्माण के लिए पूंजीगत व्यय में भारी बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव बजट में शामिल है।

माल ढुलाई और आय

रेलवे की आय बढ़ाने के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बंदरगाहों और औद्योगिक पार्कों से जोड़ा जाएगा। इससे माल ढुलाई का बड़ा हिस्सा सड़क मार्ग से शिफ्ट होकर रेल मार्ग की ओर आने की प्रबल संभावना है। परिवहन लागत घटने से व्यापार जगत को बड़ा फायदा होगा और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़ी क्रांति आएगी।

स्टेशनों का कायाकल्प

अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत देश भर के सैकड़ों रेलवे स्टेशनों को आधुनिक बनाने का काम तेज होगा। ग्रीन स्टेशन और नेट-जीरो कार्बन उत्सर्जन की दिशा में भी सरकार इस बार नए बजटीय प्रावधान ला रही है। पर्यावरण अनुकूल संचालन के साथ-साथ रेलवे अब स्टार्टअप्स को प्लेटफॉर्म देकर नवाचार को भी बढ़ावा दे रहा है।

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