Budget 2026: भारत दुनिया की सबसे बड़ी इकोनॉमी बनने की ओर… निर्मला सीतारमण के भाषण की कुछ बड़ी बातें
Indian Economy Growth: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मोदी 3.0 का तीसरा बजट पेश किया। इसमें किसान, गरीब और युवाओं पर फोकस करते हुए भारत को सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- Written By: प्रिया सिंह
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (सोर्स-सोशल मीडिया)
Largest Economy In The World: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज लोकसभा में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत में भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प दोहराया है। दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने के इस लक्ष्य के साथ सरकार ने जीडीपी को 7 प्रतिशत से ऊपर बनाए रखा है। इस बजट में मुख्य रूप से गरीबों, किसानों और युवाओं की समृद्धि पर विशेष जोर दिया गया है।
बजट में युवाओं और किसानों का कल्याण
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह बजट पूरी तरह से युवा शक्ति और किसानों के हितों को समर्पित है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्राथमिक लक्ष्य ग्रामीण समृद्धि और मध्यम वर्ग को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। समाज के हर वर्ग के साथ-साथ गरीबों के विकास के लिए नई योजनाओं का खाका तैयार किया गया है।
GDP और राजकोषीय घाटा नियंत्रण
भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का प्रमाण इसकी 7 प्रतिशत से अधिक की जीडीपी विकास दर में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। सरकार अब राजस्व घाटे को कम करने और सार्वजनिक निवेश को बढ़ाने के कर्तव्यों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर रही है। घरेलू निर्यात को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण नीतिगत सुधारों की घोषणा की गई है।
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MSME और इलेक्ट्रॉनिक्स को बढ़ावा
MSME क्षेत्र की प्रगति के लिए सरकार ने 10000 करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड के आवंटन का महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए 40000 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान किया गया है। ईएमएस पीएलआई योजना की राशि को भी बढ़ाकर अब 40 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य रखा गया है।
सेमीकंडक्टर और खनिज कॉरिडोर का निर्माण
भारत को तकनीकी क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए अब आईएसएम 2.0 (ISM 2.0) की औपचारिक शुरुआत की जा रही है। इससे देश में सेमीकंडक्टर के उत्पादन को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत होगी। दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के लिए तमिलनाडु, केरल और आंध्र प्रदेश में विशेष कॉरिडोर बनाने की भी योजना है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार सृजन की राह
सरकार का मुख्य फोकस बुनियादी ढांचे के विकास और देश में बड़े पैमाने पर नए रोजगार के अवसर पैदा करने पर है। मजबूत निवेश जुटाने के लिए व्यापार सुधारों को और अधिक सरल बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। विकास के इन तीन कर्तव्यों के माध्यम से भारत अपनी अर्थव्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की ओर अग्रसर है।
