भारतीय अर्थव्यवस्था, (सोर्स- सोशल मीडिया)
India Economy Ranking: भारत की इकोनॉमी दुनिया की रैंकिंग में 5वें नंबर से गिरकर 6वें नंबर पर आ गई है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के अनुसार, अब ब्रिटेन (UK) एक बार फिर भारत से आगे निकल गया है। भारत की GDP में ये गिरावट डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से आई है। इस साल की शुरुआत में डॉलर के मुकाबले रुपया 89.91 पर था जो अब 93.38 रुपये पर आ गया है।
भारत की GDP 2025 (FY26) में 3.92 ट्रिलियन डॉलर और 2026 (FY27) में 4.15 ट्रिलियन डॉलर रहने का अनुमान है। वहीं, ब्रिटेन की GDP 2025 में 4 ट्रिलियन डॉलर और 2026 में 4.26 ट्रिलियन डॉलर रहने की उम्मीद है।
बेस ईयर में बदलाव: सरकार ने GDP के बेस ईयर को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया है। इस बदलाव और नए पेटर्न की वजह से इकोनॉमी के साइज में 2.8% से 3.8% तक की कमी आई है।
रुपये की कमजोरी: डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में आई गिरावट ने भी असर डाला है। जिससे डॉलर में आंकी जाने वाली GDP कम हो गई। इसके उलट ब्रिटिश पाउंड मजबूत हुआ है, जिससे उनकी इकोनॉमी की वैल्यू बढ़ गई है।
यह गिरावट केवल अस्थायी साबित हो सकती है। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) का अनुमान है कि भारत 2027 (FY28) तक एक लंबी छलांग लगाएगा और जापान-ब्रिटेन दोनों को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन जाएगा। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक कारणों से अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गया है। चूंकि वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्थाओं का मूल्यांकन डॉलर में किया जाता है, इसलिए रुपये की कमजोरी ने भारतीय जीडीपी के कुल डॉलर मूल्य को कम कर दिया, जिससे ब्रिटेन को आगे निकलने का मौका मिल गया।
| क्रमांक | देश | GDP (₹ लाख करोड़) | GDP (ट्रिलियन डॉलर) |
|---|---|---|---|
| 1 | अमेरिका | 3,023 | 32.38 |
| 2 | चीन | 1,947 | 20.85 |
| 3 | जर्मनी | 508 | 5.45 |
| 4 | जापान | 409 | 4.38 |
| 5 | UK | 397 | 4.26 |
| 6 | भारत | 387 | 4.15 |
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केंद्र सरकार और आरबीआई (RBI) रुपये की अस्थिरता को रोकने के लिए लगातार कदम उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत को आयात पर निर्भरता कम करने और निर्यात को बढ़ावा देने पर अधिक ध्यान देना होगा। वैश्विक रैंकिंग में यह फेरबदल हमें याद दिलाता है कि केवल विकास दर ही काफी नहीं है, बल्कि मुद्रा की वैश्विक मजबूती भी आर्थिक महाशक्ति बनने की रेस में उतनी ही जरूरी है।