Budget 2026: किसानों के लिए 1.5 लाख करोड़ तक बढ़ सकता है कृषि बजट, आ सकता है नया बीज बिल
Budget 2026 Farmers Expectations: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को आम बजट पेश करेंगी। उम्मीद है कि कृषि बजट 1.5 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ेगा और नकली बीजों पर लगाम लगाने के लिए नया बीज बिल पेश होगा।
- Written By: प्रिया सिंह
बजट 2026 (सोर्स-सोशल मीडिया)
Budget 2026 Expectations For Farmers: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को संसद में आम बजट पेश करने जा रही हैं और इस बार पहली बार देश का बजट रविवार को पेश होगा। किसानों के लिए बजट 2026 से उम्मीदें के मद्देनजर विशेषज्ञों का मानना है कि यह बजट कृषि क्षेत्र की मजबूती के लिए एक बड़ा अवसर है। भारत की GDP में कृषि का योगदान लगभग 18-20% है, जिसे देखते हुए सरकार लक्षित आवंटन और सुधारों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित कर सकती है। पिछले एक दशक में कृषि आवंटन 21,933 करोड़ से बढ़कर 1.27 लाख करोड़ से अधिक हो गया है, जिसे अब और विस्तार देने की तैयारी है।
कृषि बजट में भारी बढ़ोतरी की उम्मीद
विशेषज्ञों और रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के अनुसार, आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए कृषि बजट 1.37 लाख करोड़ से बढ़कर लगभग 1.5 लाख करोड़ होने की संभावना है। इस अतिरिक्त धनराशि का उपयोग PM-Kisan, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत सिंचाई बुनियादी ढांचे को और अधिक मजबूती देने के लिए किया जा सकता है।
नकली बीजों पर लगाम और नया बीज बिल
सरकार बजट 2026 सत्र के दौरान एक नया बीज बिल पेश करने का इरादा रखती है। इस प्रस्तावित कानून का मुख्य उद्देश्य नकली और घटिया गुणवत्ता वाले बीजों की बिक्री पर पूरी तरह लगाम लगाना है। इस बिल में दोषियों के लिए 30 लाख तक के भारी जुर्माने और अधिकतम तीन साल की कैद जैसे कड़े सजा के प्रावधान शामिल होंगे, ताकि किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज सुनिश्चित कराए जा सकें।
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कवच 4.0 और लॉजिस्टिक्स विकास
इस बजट में ‘कवच 4.0’ को लॉन्च किए जाने की उम्मीद है, जो एक उन्नत स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है। इसके साथ ही रेलवे के विद्युतीकरण और माल ढुलाई में रेलवे की हिस्सेदारी को 2030 तक 26% से बढ़ाकर 45% करने के लक्ष्य पर काम होगा। तुषार बडजात के अनुसार, देश की लॉजिस्टिक लागत GDP के 13-14% पर आ गई है, जिससे ग्रामीण संपर्कता और मूल्य निर्धारण में सुधार हुआ है।
निर्यात और संबद्ध क्षेत्रों पर ध्यान
भारत का कृषि और खाद्य निर्यात वर्तमान में सालाना $50-55 अरब के बीच है। बजट 2026 से उम्मीद है कि यह निर्यात सुविधा, तेज स्वीकृतियों और मूल्यवर्धित कृषि उत्पादों के लिए विशेष समर्थन प्रदान करेगा। विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि पशुपालन, मत्स्य पालन, झींगा मछली निर्यात और बागवानी जैसे संबद्ध क्षेत्रों को बढ़ावा देने से किसानों की आय में काफी वृद्धि हो सकती है।
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डिजिटल ढांचा और कोल्ड-चेन विस्तार
बजट की मुख्य प्राथमिकताओं में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कोल्ड-चेन क्षमता का विस्तार शामिल रहने की संभावना है। कोल्ड-चेन और प्रसंस्करण ढांचे के विस्तार से फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान में कमी आएगी। साथ ही विशेषज्ञ सब्सिडी सुधारों की मांग कर रहे हैं ताकि उनकी कार्यक्षमता को और बेहतर बनाया जा सके और टिकाऊ कृषि को बढ़ावा मिले।
