यूपी में किसानों की चमकेगी किस्मत, नाबार्ड का प्लान तैयार

Nabard News: उत्तर प्रदेश में नहर परियोजनाओं का जाल बिछाने की तैयारी पूरी हो गई है। इसके लिए नाबार्ड ने 6431 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी है। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी की उम्मीद है।
UP farmers fortunes will shine, NABARD plan ready
परियोजना की जानकारी लेते सीएम योगी। इमेज-सोशल मीडिया
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UP News: उत्तर प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए नहरों से आसानी से पानी उपलब्ध कराने के लिए नाबार्ड ने तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं के लिए 6431.34 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। अब बुंदेलखंड में अर्जुन सहायक नहर, पूर्वांचल में सरयू नहर, संभल, मुरादाबाद और अमरोहा जिले में मध्य गंगा नहर परियोजना के दूसरे चरण का निर्माण किया जाएगा।

ये परियोजनाएं पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बाढ़ नियंत्रण के साथ बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास करने के साथ कृषि उत्पादन और उत्पादन क्षेत्र दोनों में बढ़ोतरी लाएंगी। इन परियोजनाओं का काम पूरा होने से एक करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिलेगा।

बुंदेलखंड परियोजना के लिए 1353.86 करोड़

बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित क्षेत्र में अर्जुन सहायक परियोजना के लिए 1,353.86 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। ये परियोजना महोबा, हमीरपुर, बांदा जिलों को कवर करेगी। बुंदेलखंड की धसान नदी पर बनी परियोजना के कई हिस्सों का काम हो गया है। स्वीकृत राशि से विशेष रूप से हमीरपुर जिले में बचे काम को पूरा किया जाएगा। परियोजना के पूरा होने से बुंदेलखंड के सूखाग्रस्त किसानों की बारिश पर निर्भरता कम होगी ही, उत्पादन और उत्पादन क्षेत्र में वृद्धि होगी। इसके साथ ही ये परियोजना क्षेत्र में पेयजल संकट और मवेशियों के लिए भी जल उपलब्ध कराएगी। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

सरयू नहर के लिए 1,899.35 करोड़ रुपये आवंटित

नाबॉर्ड से स्वीकृत राशि में सरयू नहर के लिए 1,899.35 करोड़ रुपये आवंटित हुए हैं। ये परियोजना बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोण्डा, बस्ती, संत कबीर नगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर जिलों में फैली है। परियोजना निर्माण से पूर्वी उत्तर प्रदेश के घनी आबादी वाले इन जिलों को जल संकट से निजात मिलेगी। साथ ही सरयू, रास्ती, बाणगंगा और रोहिनी नदी के अतिरेक पानी का चैनलाइजेशन कर कृषि क्षेत्र और उत्पादन में भी वृद्धि लाएगी। परियोजना पूरा होने से 6,227 गांवों के 30 लाख से अधिक किसानों को लाभ होगा। 15 लाख हेक्टेअर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी। सिंचाई, पेयजल और मत्स्य पालन के अवसर भी बढ़ेंगे।

पश्चिमी यूपी में मध्य गंगा चरण-2 का निर्माण जल्द होगा पूरा

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मध्य गंगा चरण-2 को स्वीकृति मिली है। परियोजना के लिए नाबार्ड ने 3,178.04 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। मध्य गंगा चरण-2 के तहत पश्चिमी यूपी के संभल, मुरादाबाद और अमरोहा को विशेषकर लाभ मिलेगा। परियोजना के निर्माण से गंगा बेसिन के क्षेत्र में बाढ़ नियंत्रण और सिंचाई क्षमता में सुधार होगा।

सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने से बढ़ेगी किसानों की आय

नाबार्ड के मुताबिक इन परियोजनाओं के पूरा होने से यूपी के पूर्वी, पश्चिमी और बुंदेलखंड में सिंचाई व्यवस्था के साथ कृषि और संबद्ध क्षेत्र से जुड़े किसानों की आय बढ़ेगी। ग्लोबल वार्मिंग के संकट का सामना करने में भी प्रदेश को सक्षम बनाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के मुताबिक इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश में न केवल कृषि उत्पादन और उत्पादन क्षेत्र बढ़ेगा, साथ ही पेयजल संकट, मत्स्य पालन और संबद्ध कार्यों में बढ़ोतरी होगी। प्रदेश के किसानों की आय में बढ़ोतरी के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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