बायो फार्मा शक्ति (फोटो-सोशल मीडिया)
Global Bio-Pharma Hub: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए बजट 2026-27 को बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने “ऐतिहासिक और दूरदर्शी” करार दिया है। उन्होंने विशेष रूप से ‘बायो फार्मा शक्ति’ कार्यक्रम की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह पहल भारत को वैश्विक बायो-फार्मा विनिर्माण केंद्र (Global Bio-Pharma Hub) बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम साबित होगी।
वित्त मंत्री ने बजट में देश के बायोफार्मास्यूटिकल क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अगले पांच वर्षों में 10,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सम्राट चौधरी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर जानकारी दी कि इस भारी-भरकम निवेश से ‘बायोलॉजिक्स’ और ‘बायोसिमिलर’ दवाओं के घरेलू उत्पादन के लिए एक मजबूत इकोसिस्टम तैयार होगा। इससे जटिल बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली महंगी दवाएं अब भारत में ही किफायती दरों पर बन सकेंगी।
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने जोर देकर कहा कि इस पहल का सबसे बड़ा लाभ आम जनता को मिलेगा। ‘बायोसिमिलर’ दवाएं मूल जैविक दवाओं के समान ही प्रभावी और सुरक्षित होती हैं, लेकिन उनकी कीमत काफी कम होती है। इस परियोजना से न केवल भारत की आयात पर निर्भरता कम होगी, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा के क्षेत्र में देश पूरी तरह आत्मनिर्भर बनेगा। इसके अलावा, इस क्षेत्र में नवाचार और विनिर्माण बढ़ने से उच्च कौशल वाले हजारों रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
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सम्राट चौधरी के अनुसार, यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के संकल्प को साकार करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि 10,000 करोड़ की इस योजना से भारत वैश्विक फार्मा उद्योग में अपनी अग्रणी स्थिति और मजबूत करेगा। यह कदम नवाचार की क्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ आम लोगों को सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने में मील का पत्थर साबित होगा।