(प्रतीकात्मक तस्वीर)
Air India New CEO: एयर इंडिया, जो टाटा समूह के स्वामित्व में है, में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, वह तब तक अपनी जिम्मेदारियां संभालते रहेंगे जब तक नए सीईओ की नियुक्ति नहीं हो जाती। उनका कार्यकाल इस साल सितंबर में समाप्त होना था, और उन्होंने पहले ही संकेत दे दिए थे कि वह आगे इस पद पर नहीं रहेंगे। इसी कारण कंपनी ने जनवरी से ही नए चेहरे की तलाश शुरू कर दी थी।
हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले सप्ताह हुई बोर्ड बैठक (Air India) में विल्सन का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। नेतृत्व में किसी तरह का व्यवधान न आए, इसलिए वह सितंबर 2026 तक या नए सीईओ के चयन तक पद पर बने रहेंगे।
नए सीईओ की खोज अब अंतिम चरण में है। इस पद की दौड़ में कई अंतरराष्ट्रीय और फुल-सर्विस एयरलाइंस के अनुभवी दिग्गज शामिल हैं। उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह होने वाली अहम बैठक में नए नाम पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है, हालांकि एयरलाइन ने अभी तक उम्मीदवारों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
इस बीच, एयर इंडिया कई चुनौतियों से जूझ रही है। परिचालन बाधाओं और बढ़ती लागत के चलते वित्तीय वर्ष 2026 में एयरलाइन का घाटा लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण एयरस्पेस प्रतिबंधों ने लंबी दूरी की उड़ानों को प्रभावित किया है, जिससे विमानों को लंबे रूट और अतिरिक्त फ्यूल स्टॉप लेने पड़ रहे हैं, और लागत में भारी इजाफा हो रहा है।
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नेतृत्व परिवर्तन की इस प्रक्रिया पर जून 2025 में हुई AI 171 विमान दुर्घटना का असर भी देखा जा रहा है। अहमदाबाद से उड़ान भरने के बाद दुर्घटनाग्रस्त हुए इस बोइंग ड्रीमलाइनर विमान हादसे में 241 लोगों की जान चली गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि नए सीईओ की नियुक्ति का समय इस हादसे की अंतिम जांच रिपोर्ट पर भी निर्भर कर सकता है, जिसके जून 2026 तक आने की संभावना है।