बजाज हाउसिंग फाइनेंस के आईपीओ मार्केट में धूम मचाने के बाद कई और NBFC की हो सकती है बाजार में एंट्री

बजाज हाउसिंग फाइनेंस अपने आईपीओ के साथ शेयर बाजार में एंट्री ले सकता है। साथ ही आपको बता दें कि इस साल कम से कम 3 और एनबीएफसी कंपनियां भी अपने आईपीओ को मार्केट में उतारने की तैयारियों में जुट गई है।
After Bajaj Housing Finance and many big NBFCs are expected to bring IPO
आईपीओ मार्केट ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
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नई दिल्ली : 9 सितंबर को बजाज हाउसिंग फाइनेंस आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ के माध्यम से बाजार में प्रवेश करने जा रहा है। इस जानकारी के सामने आने के बाद पता चला है कि इस एक साल में ऐसे ही कम से कम 3 और उच्च स्तरीय' गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों यानी एनबीएफसी आईपीओ लाकर मार्केट में एंट्री कर शेयर मार्केट में लिस्टेड कर सकते है।

आरबीआई की अनिवार्य सूचीबद्धता की शर्त को पूरा करने के लिए इन एनबीएफसी को आईपीओ लाना होगा। निवेश बैंकरों ने बताया कि टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज (एचडीएफसी बैंक की एनबीएफसी शाखा) और आदित्य बिड़ला फाइनेंस वे तीन एनबीएफसी हैं जिनके आईपीओ लाने की संभावना हैं।

धन जुटाने की क्षमता भी बनाए रखेगा

आनंद राठी एडवाइजर्स के निवेश बैंकिंग निदेशक सचिन मेहता ने कहा, ‘‘ पूंजी बाजार में अच्छी गुणवत्ता वाले व्यवसायों के लिए मांग को देखते हुए तथा मूल्यांकन के अधीन हम निश्चित रूप से कई एनबीएफसी को सूचीबद्ध होते देखेंगे। यह अपेक्षित भी है...न केवल आरबीआई की सूचीबद्ध होने की आवश्यकता पूरा करने के लिए, बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह कंपनी के सूचीबद्ध होने के बाद उसकी वृद्धि के लिए धन जुटाने की क्षमता भी बनाए रखेगा।''

पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस

टाटा संस, टाटा कैपिटल फाइनेंशियल सर्विसेज, पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस, एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज और आदित्य बिड़ला फाइनेंस को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ‘‘उच्च स्तरीय'' एनबीएफसी की सूची में शामिल होने के कारण एक वर्ष के भीतर सूचीबद्ध होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इनमें से पीरामल कैपिटल एंड हाउसिंग फाइनेंस का पीरामल एंटरप्राइजेज में विलय होगा और टाटा संस सूचीबद्धता से बचने के लिए सभी विकल्पों पर विचार कर सकती है।

टाटा संस का आईपीओ बाजार का रुख बदलने वाला

हालांकि, विश्लेषकों का मानना ​​है कि टाटा संस का आईपीओ बाजार का रुख बदलने वाला साबित हो सकता है, जिससे निवेशकों को काफी फायदा होने की उम्मीद है। भारत के सबसे बड़े समूहों में से एक की मूल कंपनी के रूप में टाटा संस की प्रतिष्ठा को देखते हुए इसके सूचीबद्ध होने में घरेलू तथा वैश्विक दोनों निवेशकों की रुचि देखने को मिल सकती है।

इक्विटी पूंजी बाजारों के लिए बड़ी बात

डीएएम कैपिटल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) धर्मेश मेहता ने कहा, ‘‘ अगर टाटा संस सूचीबद्ध होती है, तो यह भारत के तेजी से बढ़ते इक्विटी पूंजी बाजारों के लिए एक बड़ी बात होगी। भारत में सबसे प्रतिष्ठित समूहों की ओर से इस तरह की पेशकश को देखते हुए, निश्चित तौर पर इसको लेकर वैश्विक तथा घरेलू स्तर पर बड़ी रुचि होगी।''

आईपीओ शेयरधारकों के लिए अच्छा

बाजार विशेषज्ञों का अनुमान है कि टाटा संस का आईपीओ शेयरधारकों के लिए अच्छा मूल्य सृजित हो सकता है। विश्लेषकों का अनुमान है कि पांच प्रतिशत हिस्सेदारी भी बाजार में 55,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश ला सकती है, जिससे नकदी तथा शेयरों का लेनदने बढ़ सकता है। हालांकि, इन आशावादी अनुमानों के बावजूद टाटा संस ने अनिवार्य सूचीबद्धता की शर्त से बचने के उद्देश्य से कथित तौर पर आरबीआई को अपना पंजीकरण प्रमाणपत्र स्वेच्छा से वापस करने के लिए आवेदन किया है।

आरबीआई के रुख पर टिकी है निगाहें

अब सबकी निगाहें टाटा संस के आवेदन पर आरबीआई के रुख पर टिकी हैं। आरबीआई ने प्रणालीगत जोखिम को दूर करने और संचालन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अक्टूबर, 2021 में एक संशोधित पैमाना-आधारित विनियमन (एसबीआर) ढांचा पेश किया था।

( एजेंसी इनपुट के साथ )

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