आठवां वेतन आयोग, (कॉन्सेप्ट फोटो)
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) की गणना का तरीका एक बार फिर चर्चा में आ गया है। देश की प्रमुख कर्मचारी यूनियन अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) समेत कई संगठनों ने सरकार से मांग की है कि मौजूदा फॉर्मूला बदला जाए, क्योंकि यह आज के बढ़ते खर्चों को सही तरीके से नहीं दर्शाता। यह मुद्दा ऐसे समय उठा है जब 8th पे कमीशन ने अपने 18 सवालों वाले प्रश्नपत्र पर सुझाव देने की आखिरी तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है।
दरअसल, DA कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी का अहम हिस्सा होता है, जिसे साल में दो बार (जनवरी और जुलाई) में संशोधित किया जाता है। यह पूरी तरह महंगाई के आंकड़ों पर आधारित होता है। अभी DA 58% है (जुलाई 2025 से लागू), और जनवरी 2026 में इसके 60% या उससे ज्यादा होने की उम्मीद है। लेकिन यूनियनों का कहना है कि महंगाई जिस तेजी से बढ़ी है, उसके हिसाब से DA का मौजूदा फॉर्मूला पुराना पड़ चुका है।
यूनियनों की सबसे बड़ी मांग यह है कि DA की गणना में परिवार का साइज बढ़ाया जाए। अभी यह फॉर्मूला 3 सदस्यों के परिवार पर आधारित है, जबकि वे इसे 5 सदस्यों का मानना चाहते हैं, जिसमें माता-पिता भी शामिल हों। इसके अलावा इंटरनेट, डिजिटल सेवाएं, बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे खर्चों को भी शामिल करने की मांग की जा रही है, जो आज की जरूरत बन चुके हैं लेकिन मौजूदा गणना में ठीक से नहीं जुड़ते।
इस पूरे विवाद के केंद्र में आयक्रॉयड फॉर्मूला (Aykroyd Formula) है, जिसे 1957 में अपनाया गया था। यह फॉर्मूला 2700 कैलोरी भोजन, कपड़े और आवास जैसे बेसिक खर्चों पर आधारित है। लेकिन यूनियनों का कहना है कि यह सिर्फ जीवित रहने की जरूरतों को देखता है, बेहतर जीवन स्तर या शहरी खर्चों को नहीं। इसलिए इसे बदलना जरूरी है ताकि सैलरी और पेंशन वास्तविक जरूरतों के मुताबिक तय हो सके।
अगर सरकार DA फॉर्मूला बदलती है, तो इसका बड़ा असर दिख सकता है। न्यूनतम सैलरी ₹18,000 से बढ़कर ₹30,000 या उससे ज्यादा हो सकती है। DA भी बढ़ेगा, जिससे हर छह महीने में मिलने वाला फायदा ज्यादा होगा। पेंशनर्स को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा क्योंकि उनकी पेंशन DA (या DR) से जुड़ी होती है। साथ ही फिटमेंट फैक्टर में भी बड़ा उछाल आ सकता है, जिससे कुल सैलरी में 50-60% तक बढ़ोतरी संभव है।
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हालांकि, सरकार के सामने कई चुनौतियां भी हैं। सैलरी और पेंशन बढ़ने से सरकारी खर्च काफी बढ़ जाएगा, अलग-अलग शहरों में खर्च का स्तर अलग है और पूरे देश के लिए एक समान फॉर्मूला बनाना आसान नहीं है। यही वजह है कि पहले के वेतन आयोगों ने इस पर सावधानी से फैसला लिया है। फिलहाल नजरें 8वें वेतन आयोग पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि DA फॉर्मूला बदलेगा या नहीं। वहीं जनवरी 2026 का DA बढ़ोतरी का ऐलान भी जल्द होने की उम्मीद है, जिसमें 2-3% की बढ़ोतरी के साथ DA 60% पार कर सकता है।