इधर Vodafone Idea के चेयरमैन बने मंगलम बिड़ला, उधर रॉकेट बना कंपनी का शेयर; घाटे में चल रही Vi को बड़ी राहत
Vi Non Executive Chairman: देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी के अंदर हुई यह हाई लेवल की फेरबदल के तहत बिड़ला को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी मिली है। वह रविंदर टक्कर की जगह लेंगे।
- Written By: मनोज आर्या
वोडाफोन आइडिया का शेयर तेजी से उछला, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Vodafone Idea Share Price: बुधवार, 5 मई को वोडाफोन-आइडिया (Vi) के शेयरों में तेजी देखी गई। नेशल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह 4 प्रतिशत तक बढ़कर 11.24 रुपये पर पहुंच गए। कंपनी के शेयरों में आई तेजी की वजह कंपनी ने बोर्ड लेवल पर बड़े बदलावों की घोषणा को बताया गया। देश के दिग्गज कारोबारी कुमार मंगलम बिड़ला को टेलीकॉम कंपनी ने नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन के रूप में नियुक्त किया है।
एक रेगुलेटरी फाइलिंग में जानकारी देते हुए कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ने कुमार मंगलम बिड़ला, जो वर्तमान में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर हैं, को 5 मई, 2026 से कंपनी का नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन अपॉइंट करने की मंजरी दे दी है। आदित्य बिड़ला ग्रुप के प्रमुख कुमार मंगलम, पिछले कई सालों से वोडाफोन-आइडिया के स्ट्रेटेजिक और फाइनेंशियल डेवलपमेंट से करीब से जुड़े रहे हैं।
रविंदर टक्कर की जगह लेंगे बिड़ला
देश की दिग्गज टेलीकॉम कंपनी के अंदर हुई यह हाई लेवल की फेरबदल के तहत बिड़ला को नॉन-एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की जिम्मेदारी मिली है। वह रविंदर टक्कर की जगह लेंगे। टक्कर ने चेयरमैन का पद छोड़ दिया है। हालांकि, वह नॉन-एग्जीक्यूटिव वाइस-चेयरमैन के तौर पर बोर्ड का हिस्सा बने रहेंगे और नए लीडरशिप स्ट्रक्चर को सपोर्ट करेंगे। कंपनी ने कहा कि इस व्यवस्था का मकसद बोर्ड-लेवल की निगरानी को मजबूत करते हुए निरंतरता सुनिश्चित करना है।
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Vi की घोषणाओं से शेयर में उछाल
इस घोषणा से मार्केट में पॉजिटिव रिएक्शन आया, और वोडाफोन-आइडिया के शेयर ट्रेड के दौरान ऊपर चले गए। मार्केट पार्टिसिपेंट्स ने कहा कि इस डेवलपमेंट से स्टॉक को लेकर सेंटिमेंट बेहतर हुआ, जो फाइनेंशियल चिंताओं के कारण दबाव में रहा है। लीडरशिप में यह बदलाव वोडाफोन-आइडिया के AGR (एडजस्टेड ग्रॉस रेवेन्यू) बकाया और ऊंचे कर्ज साथ संघर्ष के बीच हुआ है।
सुप्रीम कोर्ट के 2019 के फैसले से कंपनी की देनदारियां काफी बढ़ गईं, जिन्हें बाद में सरकार ने आंशिक रूप से रीकैलकुलेट करके लगभग 64,046 करोड़ रुपये कर दिया। हालांकि, इससे कंपनी को कुछ राहत मिली, लेकिन कुल रीपेमेंट का बोझ अभी भी बहुत बड़ा है।
बकाया AGR के 124 करोड़ का पेमेंट
वोडाफोन-आइडिया को अभी भी लंबे रीपेमेंट साइकिल का सामना करना पड़ रहा है। AGR से जुड़े पेमेंट अगले दस सालों में किए जाने हैं, जिनकी किश्तें FY32 से शुरू होंगी। कंपनी को मार्च 2026 से मार्च 2031 तक खास AGR बकाया के लिए 124 करोड़ रुपये का सालाना पेमेंट भी करना है, साथ ही बाद के सालों में बड़े स्ट्रक्चर्ड पेमेंट भी करने हैं।
स्पेक्ट्रम बकाया से कंपनी पर दवाब
AGR देनदारियों के अलावा, वोडाफोन-आइडिया पर स्पेक्ट्रम से जुड़े पेमेंट भी काफी हैं। एनालिस्ट का अनुमान है कि अगले तीन सालों में कुल स्पेक्ट्रम बकाया लगभग 49,000 करोड़ रुपये होगा और समय के साथ पेमेंट तेजी से बढ़ेगा। ये जिम्मेदारियां कंपनी की फाइनेंशियल स्टेबिलिटी के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
अभी भी घाटे में टेलीकॉम ऑपरेटर
टेलीकॉम ऑपरेटर अभी भी घाटे में है। दिसंबर 2025 को खत्म हुए नौ महीनों में इसने 17,418 करोड़ रुपये का नुकसान बताया, जबकि नेट वर्थ नेगेटिव 87,744 करोड़ रुपये रही। राहत उपायों और फंड जुटाने की कोशिशों के बावजूद, कंपनी अभी तक मुनाफे में नहीं लौटी है।
इंडस्ट्री ट्रेंड के बीच चुनिंदा टैरिफ
टैरिफ कीमतों पर वोडाफोन-आइडिया ने कहा है कि वह बड़े पैमाने पर बढ़ोतरी के बजाय चुनिंदा टैरिफ एडजस्टमेंट करेगी। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि भारती एयरटेल जैसे कॉम्पिटिटर पहले ही प्रीपेड टैरिफ में लगभग 4-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर चुके हैं। एनालिस्ट को उम्मीद है कि टेलीकॉम सेक्टर में और टैरिफ बढ़ोतरी होगी, जो अगर लागू होती है तो इंडस्ट्री के रेवेन्यू ग्रोथ को सपोर्ट कर सकती है।
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हालांकि, बोर्ड-लेवल के बदलाव से शॉर्ट टर्म के लिए सेंटिमेंट में सुधार हुआ है, वोडाफोन-आइडिया का आउटलुक टैरिफ सुधारों, लगातार पॉलिसी सपोर्ट और उसके लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल रीस्ट्रक्चरिंग प्लान के एग्जीक्यूशन पर निर्भर है।
