भारत में घुसपैठ करते लोग। इमेज-एआई
Bihar News: बिहार में सीमांचल का इलाका संवेदनशील है। यहां अल्पसंख्यकों की आबादी 67% है। ऐसे में बांग्लादेशी या रोहिंग्या घुसपैठिए आसानी से शरण लेते हैं। इन्हें इस इलाके में पहचानना मुश्किल होता है। अल्पसंख्यक आबादी ज्यादा होने से पुलिस भी सीधे तौर पर कार्रवाई से डरती है। अब पुलिस ने घुसपैठियों की मदद करने वाले एक आरोपी को पकड़ा है। उससे पुलिस पूछताछ कर रही।
सीमांचल में मानव तस्करी, पशु तस्करी और मादक पदार्थों की तस्करी भी बड़े पैमाने पर होती है। पुलिस पर भी अवैध कमाई के आरोप लगते रहते हैं। नतीजतन अवैध धंधे के खिलाफ कोई मुंह नहीं खोलता है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने एक आरोपी अरमान को दबोचा है। उसने पुलिस को बताया कि उसने 500 लोगों को फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं। उसका नेटवर्क बंगाल, झारखंड, बिहार के कई जिलों में है। हाल में उसने लाखों की कमाई की है।
यह इलाका बंगाल और बांग्लादेश की सीमा के पास है। ऐसे में घुसपैठियों को इस इलाके में पहुंचने में आसानी होती है। मुस्लिम होने के नाते उनको मदरसे में ठहरने की जगह मिलती है। फिर फर्जी दस्तावेज बनाने का खेल और इन घुसपैठियों को बिहार में बसाने की तैयारी शुरू होती है। मोटी रकम और फर्जी दस्तावेज के आधार पर घुसपैठियों का फर्जी आधार कार्ड बनाया जाता है। नेपाल की सीमा किशनगंज के पास है। फर्जी दस्तावेज बनाकर इन घुसपैठियों को नेपाल सीमा में प्रवेश कराकर देश के अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता है। अरमान फर्जी आधार कार्ड के अलावा घुसपैठियों का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और शपथ पत्र बनाता था।
यूपी एसटीएफ ने उत्तर प्रदेश और एनसीआर में 8 संदिग्धों को पकड़ा था। इनकी जांच में खुलासा हुआ कि आधार कार्ड फर्जी हैं। जांच-पड़ताल के बाद अन्य 5 लोगों को पकड़ा गया। उनके पास फर्जी दस्तावेज मिले। अब एसटीएफ को भरोसा हो गया कि इस जालसाजी के पीछे बड़ा गिरोह है। लोगों के पकड़ाने के बाद अरमान अंडर ग्राउंड हो गया। इस बीच यूपी पुलिस ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया। फिर उसकी गिरफ्तारी के लिए गोपनीय तरीके से रणनीति बनाई गई।
यूपी एसटीएफ ने बिहार एसटीएफ से संपर्क बनाकर 12 जनवरी को किशनगंज में छापेमारी की थी। छापे में अरमान पकड़ाया। उससे कई फर्जी दस्तावेज, सरकारी मुहर और लैपटॉप मिले। उसका नेटवर्क बंगाल-झारखंड तक फैला है। एसटीएफ की गिरफ्तारी के बाद वह लखनऊ जेल में है। अब एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क को पकड़ने के लिए अरमान से पूछताछ कर रही।
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अरमान का सांठ-गांठ पंचायत प्रतिनिधियों और सरकारी कर्मियों से भी रहा है। वह पैसे की लालच देकर फर्जी दस्तावेज बनाने में सरकारी कर्मियों से भी मदद लेता था। फर्जी आधार कार्ड बनाने का यह पहला मामला नहीं है। पहले भी फर्जी आधार कार्ड बनाने के मामले पकड़े गए हैं, लेकिन अधिकारी मामले पर चुप्पी साधे रहते हैं। सरकारी अधिकारी सजग रहते तो इतने बड़े पैमाने पर फर्जी आधार कार्ड बनाकर घुसपैठिए भारत की सीमा में प्रवेश नहीं करते।