केरलम चुनाव में तेजस्वी यादव की एंट्री, इस गठबंधन के साथ आई RJD, कही यह बड़ी बात
RJD In Kerala Election: बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने केरलम चुनाव से पहले बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने एलडीएफ के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
- Written By: सजल रघुवंशी
प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स-नवभारत डिजाइन)
RJD With LDF: चुनाव आयोग ने रविवार को पांच राज्यों में चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस बीच अब आरजेडी ने भी केरलम में चुनाव लड़ने का मन बना लिया है। इसके साथ ही उन्होंने अपने सहयोगी दल के बारे में जानकारी दी है। राष्ट्रीय जनता दल के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने केरल की सत्तारूढ़ एलडीएफ के साथ चुनाव लड़ने का ऐलान किया है।
अब इसको लेकर तेजस्वी यादव का एक बयान भी सामने आया है। दरअसल, तेजस्वी यादव ने रविवार को चुनाव के ऐलान के बाद कहा कि उनकी पार्टी आगामी केरल विधानसभा चुनाव सत्तारूढ़ वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (LDF) के हिस्से के रूप में लड़ेगी।
कब लिया यह फैसला?
दरअसल, राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने यह घोषणा बिहार में आरजेडी की अगुवाई वाले महागठबंधन के विधायकों के साथ एक बैठक के बाद की। यह बैठक राज्य में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए वोटिंग से कुछ घंटे पहले रविवार को बुलाई गई थी। इससे पहले तेजस्वी यादव ने कहा कि केरलम में, हमारी पार्टी आरजेडी, एलडीएफ के हिस्से के तौर पर केरलम विधानसभा चुनाव लड़ने जा रही है। हम पहले भी केरल विधानसभा में चुनाव लड़ चुके हैं। हमें उम्मीद है कि हम एलडीएफ को राज्य की सत्ता में बनाए रखने में मदद करेंगे।
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केरलम में किसके बीच मुकाबला?
केरलम की सियासत बिहार से काफी अलग है। बिहार में आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियां सहयोगी के रूप में शामिल हैं, जबकि केरल में यही दोनों दल सबसे बड़े राजनीतिक मोर्चों का नेतृत्व करते हैं और वहां आरजेडी छोटी सहयोगी पार्टी है। केरल में कांग्रेस और सीपीआई(एम) एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी हैं, जबकि बिहार में दोनों साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं।
इस फैसले से यूडीएफ को कितना नुकसान?
केरलम की सियासत में यूडीएफ और एलडीएफ के बीच मुकाबला काफी दिलचस्प है। आईएएनएस के ओपिनियन पोल में वामपंथी दलों के गठबंधन एलडीएफ को 61 से 71 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है। केरल में सरकार बनाने के लिए कम से कम 71 सीटें जीतना जरूरी है। वहीं, यूडीएफ को 58 से 69 सीटें मिल सकती हैं और बीजेपी की अगुआई वाले गठबंधन को अधिकतम दो सीटें मिलने का अनुमान है। अब अगर ओपिनियन पोल के हिसाब से देखें तो कांग्रेस वाला गठबंधन एलडीएफ से पीछे है। ऐसे में तेजस्वी यादव का एलडीएफ के साथ आना यूडीएफ को झटका पहुंचा सकता है।
