
लालू यादव के साथ तेज प्रताप, फोटो- सोशल मीडिया
Tej Pratap Yadav Dahi Chura Bhoj: बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित होने वाले दही-चूड़ा भोज ने इस बार नई सियासी गर्माहट पैदा कर दी है। राजद नेता तेज प्रताप यादव द्वारा आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में पक्ष और विपक्ष के दिग्गजों का जमावड़ा लगा। विधानसभा चुनाव की हार के बाद तेज प्रताप के लिए यह सफल आयोजन एक बड़े शक्ति प्रदर्शन और उनके बढ़ते सियासी कद की तरह देखा जा रहा है।
भोज की शुरुआत बेहद प्रभावशाली रही, जब तेज प्रताप के निमंत्रण पर सबसे पहले उनके पिता और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। इसके तुरंत बाद बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का काफिला वहां पहुंचा। लालू यादव और राज्यपाल के बीच लंबी अनौपचारिक बातचीत भी हुई, जिसने राजनीतिक विश्लेषकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। काफी समय बाद तेज प्रताप के मामा साधु यादव भी अपने भांजे के बुलावे पर इस भोज में शामिल होने पहुंचे। परिवार के भीतर लंबे समय से चली आ रही दूरियों के बीच साधु यादव की मौजूदगी की चर्चा राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ पारिवारिक हलकों में भी खूब हो रही है।
तेज प्रताप यादव के इस आयोजन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें केवल अपनी पार्टी के लोग ही नहीं, बल्कि विपक्षी खेमे (NDA) के नेताओं ने भी जमकर गर्मजोशी दिखाई। बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा और नीतीश सरकार के कद्दावर मंत्री अशोक चौधरी ने भी तेज प्रताप के घर पहुंचकर भोज का लुत्फ उठाया। विपक्षी नेताओं की इस उपस्थिति ने बिहार की ‘मेल-जोल’ वाली राजनीतिक संस्कृति को एक बार फिर जीवंत कर दिया।
पटना में चूड़ा-दही कार्यक्रम के सफल आयोजन की खुशी में तेजप्रताप यादव के घर पर रात में आतिशबाज़ी!#TejPratapYadav #Bihar pic.twitter.com/CWCiEKHfOs — SOURAV RAJ (@souravreporter2) January 14, 2026
इसी बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने एक ऐसा बयान दिया जिसने अटकलों का बाजार गर्म कर दिया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए दावा किया, “आज से ग्रह बदल रहे हैं और बिहार की राजनीति में एक नया समीकरण जन्म लेगा।” पारस के इस रहस्यमयी बयान को भविष्य में होने वाले किसी बड़े राजनीतिक बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
तेज प्रताप यादव ने इस भोज के लिए विशेष तैयारी की थी। उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री से लेकर राज्यपाल और विभिन्न मंत्रियों के पास जाकर व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण कार्ड दिया था। उन्होंने अपने माता, पिता और भाई तेजस्वी यादव को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया था। जब सभी मेहमान विदा हुए और आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो गया, तो मेजबान तेज प्रताप की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
यह भी पढ़ें: बिहार में बड़ा सियासी उलटफेर! लालू यादव की RJD का इस पार्टी में होगा विलय, तेज प्रताप ने छेड़ा नया राग
सूरज ढलने के बाद, इस सफलता का जश्न मनाने के लिए उन्होंने अपने आवास पर भारी आतिशबाजी की। वे अपनी ‘कोर टीम’ के 8-10 सदस्यों के साथ कुर्सी पर बैठकर पटाखों के इस नजारे का आनंद लेते देखे गए। उन्होंने इस जश्न का वीडियो भी बनवाया। उनके आवास के बाहर समर्थकों की भारी भीड़ और मीडिया का बड़ा जमावड़ा उनके इस आयोजन की सफलता और उनके बढ़ते सियासी प्रभाव की गवाही दे रहा था। चुनाव के बाद तेज प्रताप के लिए यह आयोजन खुद को राजनीति के केंद्र में फिर से स्थापित करने की एक बड़ी उपलब्धि साबित हुई है।






