नीतीश-तेजस्वी का नाम सुनते ही तिलमिलाए तेज प्रताप; फिर कर दिया नया कांड, जानिए क्यों चढ़ा लालू के लाल का पारा

Bihar Politics: आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के मुखिया तेज प्रताप यादव आए दिन किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं। अब एक बार फिर उन्होंने कुछ ऐसा ही दोहराया है
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तेज प्रताप यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Tej Pratap Yadav: आरजेडी चीफ लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और जनशक्ति जनता दल के मुखिया तेज प्रताप यादव आए दिन किसी न किसी वजह से सुर्खियों में बने रहते हैं। अब एक बार फिर उन्होंने कुछ ऐसा ही दोहराया है। तेज प्रताप यादव सोमवार को पटना में पत्रकारों के एक सवाल पर भड़क गए।

पत्रकारों ने तेजप्रताप यादव से पूछा कि आप सभी दलों के नेताओं को मकर संक्रांति के चूड़ा-दही भोज में आमंत्रित कर रहे हैं, ऐसे में क्या आप CM नीतीश कुमार के साथ नेता प्रतिपक्ष और छोटे भाई तेजस्वी यादव को भी व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करने जाएंगे?

क्यों भड़क गए तेज प्रताप यादव?

पत्रकारों का यह सवाल सुनते ही तेज प्रताप यादव आगबबूला हो गए। उन्होंने भड़कते हुए कहा, "आमंत्रण लेकर सब जगह जाएंगे...तो आपको क्यों बेचैनी है? तेज ने कहा कि आप लोगों को भी बुलाएंगे। जाकर चलाइए न्यूज।"

आखिर क्या है यह पूरी कहानी?

दरअसल, तेज प्रताप यादव पिछले एक सप्ताह से लगातार बिहार के तमाम बड़े नेताओं से मिलकर उन्हें दही-चूड़ा भोज में आने का न्योता दे रहे हैं। तेज प्रताप अब तक राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा, बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार, बिहार विधान परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह को आमंत्रित कर चुके हैं। इसके अलावा तेज प्रताप यादव ने बिहार सरकार में मंत्री और आरएलएम नेता दीपक प्रकाश, मंत्री और हम अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन के साथ-साथ मंत्री मदन सहनी, वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी, मंत्री श्रीमती लेशी सिंह समेत कई नेताओं को अपने हाथों से आमंत्रण पत्र दे चुके हैं।

दही-चूड़ा भोज के सियासी मायने?

यह बात जगजाहिर है कि बिहार की राजनीति में मकर संक्रांति का मतलब सिर्फ दही चूड़ा नहीं, बल्कि राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का जरिया भी होता है। 14 जनवरी को पटना में नजारा कुछ खास होने वाला है। तेज प्रताप यादव ने अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल की ओर से महाभोज का ऐलान किया है। उन्होंने कोशिश है कि वह पिता लालू यादव की तरह चूड़ा-दही भोज कराएं।

'तेज' संभाल रहे लालू की विरासत

सभी की निगाहें इस बात की तरफ लगी हैं कि तेज प्रताप यादव क्या सीएम नीतीश कुमार और छोटे भाई वह नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मिलकर उन्हें खुद आमंत्रण देंगे या नहीं? बिहार के सियासी गलियारों में इस बात की चर्चा तेज है कि लालू प्रसाद यादव इस बार फ्रंट पर नहीं हैं, लेकिन उनके बड़े बेटे अपने पिता की विरासत को उसी अंदाज में जिंदा रखने की कोशिश कर रहे हैं।

बता दें कि 2025 के विधानसभा चुनाव से पहले RJD से निकाले जाने के बाद तेज प्रताप ने नई पार्टी, जनशक्ति जनता दल बनाई थी। वे राजनीतिक रूप से सफल नहीं हुए, लेकिन इस बार मकर संक्रांति के मौके पर बड़े पैमाने पर विरोधियों को एक साथ लाने की कोशिश कर रहे हैं। अगर तेज प्रताप इसमें सफल होते हैं तो 2026 की राजनीति के लिए एक नई बिसात भी होगी।

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