सावधान! बिहार के इस जिले में HIV विस्फोट, बच्चे-महिलाएं सभी संक्रमित, स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप
Bihar के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे स्वास्थ्य विभाग हडकंप मचा दिया है। राज्य के जिले में HIV संक्रमण का ऐसा विस्फोट हुआ है कि आंकड़े देखकर किसी की भी रूह कांप जाए।
- Written By: सौरभ शर्मा
बिहार के सीतामढ़ी में HIV संक्रमितों की संख्या में बाढ़ (कॉन्सेप्ट फोटो- एआई)
Bihar Sitamarhi HIV Bumper Outbreak News: बिहार के सीतामढ़ी जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने स्वास्थ्य विभाग से लेकर आम लोगों तक सभी की नींद उड़ा दी है। यहां एचआईवी संक्रमण का ऐसा विस्फोट हुआ है कि आंकड़े देखकर किसी की भी रूह कांप जाए। सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 7400 लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। सबसे ज्यादा दिल दहलाने वाली बात यह है कि इस भीड़ में सैकड़ों मासूम बच्चे भी शामिल हैं। यह गंभीर स्थिति पूरे सूबे के लिए खतरे की घंटी है।
सीतामढ़ी जिला अस्पताल के एआरटी सेंटर से मिली जानकारी बेहद डराने वाली है। यहां हर महीने औसतन 40 से 60 नए मरीज अपना रजिस्ट्रेशन करवा रहे हैं। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि यह सेंटर अब पूरे बिहार का हाईलोड सेंटर बन चुका है। संक्रमण का शिकार केवल बड़े ही नहीं बल्कि 400 से ज्यादा छोटे बच्चे भी हैं। इन मासूमों को यह बीमारी विरासत में अपने माता-पिता से मिली है। फिलहाल एआरटी सेंटर से पांच हजार मरीज नियमित दवा ले रहे हैं जबकि बाकी मरीज राज्य से बाहर इलाज करा रहे हैं।
दिल्ली-मुंबई की कमाई और बीमारी
इस भयावह स्थिति के पीछे की मुख्य वजहें भी अब साफ हो गई हैं। सदर अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर हसीन अख्तर ने बताया कि सीतामढ़ी से बड़ी संख्या में लोग दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में कमाने जाते हैं और कई बार वहां से लौटते वक्त वे संक्रमण साथ ले आते हैं। इसके अलावा बिना जांच के शादी होना और लोकलाज के डर से टेस्ट न करवाना भी इस विस्फोट का बड़ा कारण है। डॉक्टर अख्तर ने साफ शब्दों में सलाह दी है कि पॉजिटिव मरीज किसी भी हाल में निगेटिव व्यक्ति से शादी न करें, नहीं तो संक्रमण की चेन कभी नहीं टूटेगी।
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गांव-गांव अब होगी जांच
लगातार बढ़ते आंकड़ों ने प्रशासन के हाथ-पांव फूला दिए हैं। इसे रोकने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। एआरटी सेंटर के जरिए जागरूकता अभियान को और ज्यादा तेज किया जा रहा है। प्रशासन ने योजना बनाई है कि अब केवल शहर ही नहीं बल्कि गांव-गांव जाकर कैंप लगाए जाएंगे और लोगों की एचआईवी जांच की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अभी भी लोग नहीं संभले और समाज में जागरूकता नहीं आई तो आने वाले समय में यह बीमारी सीतामढ़ी में और भी विकराल रूप ले सकती है।
