मंच पर बैठे थे शिवराज सिंह चौहान, तभी भाजपा अध्यक्ष का आया फोन; और सौंप दी ये अहम जिम्मेदारी
Shivraj Singh Chouhan: राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में जिस तरह से एनडीए के भीतर और बाहर हलचल तेज हुई है, उसे देखते हुए भाजपा कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती।
- Written By: मनोज आर्या
शिवराज सिंह चौहान, (सोर्स- सोशल मीडिया)
Shivraj Singh Chouhan: बिहार की राजनीति में जारी भारी उठापटक और भावी सांगठनिक बदलावों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार के लिए पार्टी का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। दिलचस्प बात यह रही कि इस जिम्मेदारी की सूचना उन्हें उस वक्त मिली जब वे एक सार्वजनिक मंच पर कार्यक्रम को संबोधित करने के लिए बैठे थे। कार्यक्रम के दौरान ही भाजपा के राष्ट्रीय नितिन नवीन का फोन आया और उन्हें पार्टी की इस नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से अवगत कराया गया।
बिहार में राजनीतिक समीकरणों को साधने और पार्टी की आगामी रणनीति को अंतिम रूप देने के लिए शिवराज सिंह चौहान का अनुभव भाजपा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कल यानी मंगलवार को बिहार की राजधानी पटना में एनडीए विधायक दलों की बैठक होनी है, उसी बैठक में राज्य के अगले सीएम के नाम पर मुहर लग सकती है।
शिवराज के रूप में पूरी हुई बीजेपी की तलाश
सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय नेतृत्व ने बिहार में स्थानीय नेताओं के साथ समन्वय स्थापित करने और वहां चल रहे राजनीतिक घटनाक्रमों पर पैनी नजर रखने के लिए एक कद्दावर चेहरे की तलाश की थी, जो शिवराज सिंह चौहान के रूप में पूरी हुई है। उनके साथ अन्य वरिष्ठ नेताओं को भी टीम में शामिल किया जा सकता है, जो पटना में मौजूदा विधायकों एवं पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।
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पार्टी नेताओं में एकजुटता पहली प्राथमिकता
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बिहार में जिस तरह से एनडीए के भीतर और बाहर हलचल तेज हुई है, उसे देखते हुए भाजपा कोई भी फैसला जल्दबाजी में नहीं लेना चाहती। शिवराज सिंह चौहान की छवि एक सुलझे हुए और सर्वमान्य नेता की रही है, ऐसे में उन्हें पर्यवेक्षक बनाकर भेजना इस बात का संकेत है कि भाजपा बिहार में किसी बड़े बदलाव की तैयारी में है। केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर उनकी पहली प्राथमिकता पार्टी के भीतर एकजुटता बनाए रखना और केंद्रीय आलाकमान की मंशा को राज्य इकाई तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना होगा।
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अगले 24 घंटे बिहार के लिए काफी अहम
पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्ति के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि शिवराज सिंह पटना पहुंचेंगे। वहां वे न केवल भाजपा के विधायकों की नब्ज टटोलेंगे, बल्कि गठबंधन के साथियों के साथ भी समन्वय को लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। पार्टी के इस फैसले ने राज्य के सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज कर दी है कि क्या बिहार में कोई बड़ी राजनीतिक पटकथा लिखी जा रही है। फिलहाल, भाजपा कार्यकर्ताओं में इस नियुक्ति के बाद नया उत्साह देखा जा रहा है और सबकी नजरें अब दिल्ली से लेकर पटना तक होने वाली अगली गतिविधियों पर टिकी हैं।
