बिहार के नए मुख्यमंत्री का नाम तय! BJP-विनोद तावड़े जानते हैं कौन होगा CM, शिवराज सिंह चौहान बने पर्यवेक्षक

Bihar New CM: बिहार में नए मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस खत्म होने वाला है। BJP ने शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। बिहार भाजपा प्रभारी विनोद तावड़े के साथ नाम पर अंतिम मुहर लग चुकी है।
Bihar New Chief Minister BJP Shivraj Singh Chouhan Appointed as Observer Vinod Tawde
विनोद तावड़े व शिवसज सिंह चौहान (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Bihar New Chief Minister: बिहार के नये मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भाजपा में कवायद तेज हो गई है। BJP ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार में पार्टी के विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। भाजपा में सीएम के नाम को लेकर अंदरूनी सहमति बन गई है। यह बताया जा रहा है कि भाजपा शीर्ष नेतृत्व ने यह नाम पार्टी महासचिव और हाल ही में महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य बने विनोद तावड़े के साथ भी साझा कर दिया है। तावड़े भाजपा बिहार के प्रभारी भी हैं।

शिवराज सिंह चौहान पर्यवेक्षक नियुक्त

भाजपा ने बिहार के नये मुख्यमंत्री का नाम तय करने के लिए कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। वे बिहार में विधायक दल के साथ बैठक कर नये मुख्यमंत्री के नाम का औपचारिक ऐलान करेंगे। जदयू के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य संजय झा ने कहा है कि सोमवार के बाद बिहार के नये मुख्यमंत्री के चयन को लेकर प्रक्रिया शुरू होगी। यह माना जा रहा है कि इस बार बिहार में भाजपा का मुख्यमंत्री बनेगा।

बिहार CM की रेस में ये नाम आगे

इस दौड़ में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे करार दिया जा रहा है। उनके अलावा नित्यानंद राय, संजय जायसवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद सहित 3 से 4 अन्य नाम भी दौड़ में बताए जा रहे हैं। फिलहाल नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं दिया है। यह माना जा रहा है कि नये मुख्यमंत्री के नाम के सार्वजनिक होने के बाद ही वह अपने पद से इस्तीफा देंगे। हाल ही में जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिल्ली आए थे।

नीतीश से मिले JDU के कई नेता

इधर, रविवार को पटना स्थित नीतीश कुमार के आवास पर जेडीयू के कई वरिष्ठ नेता पहुंचे। उन्होंने नीतीश कुमार से मुलाकात की। इस दौरान भविष्य की रणनीति और व्यवस्था को लेकर भी चर्चा की गई। यह बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार ने एक बार फिर साफ किया कि बिहार में उस जातीय और सामाजिक समीकरण को टूटने नहीं दिया जाएगा जिसका निर्माण उन्होंने अपने मुख्यमंत्री काल में किया है।

भाजपा का मुख्यमंत्री होने पर भी भाजपा के लिए यह जरूरी होगा कि वह जेडीयू से सहमति प्राप्त करे, इसकी वजह यह है कि जेडीयू के पास भी 85 विधायक हैं। यह भाजपा के 89 विधायक से केवल 4 कम हैं। एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि नीतीश कुमार अपने बेटे के लिए उपमुख्यमंत्री पद मांग रहे हैं। वहीं जेडीयू नेताओं का एक वर्ग यह चाहता है कि नया मुख्यमंत्री जेडीयू से ही हो। यह संभव हो सकता है कि उसका चयन भाजपा करे।

- नवभारत लाइव के लिए दिल्ली से संतोष ठाकुर की रिपोर्ट

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