शिवचन्द्र राम के इस्तीफे से मचा आरजेडी में बवाल! मांझी ने साधा सीधा निशाना, तेज प्रताप ने दिया करारा जवाब
Bihar News: बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल पार्टी में अंदरूनी असंतोष खुल कर सामने एए गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वह भावुक हो गए और फूट- फुटकर रोने लगे।
- Written By: वंदना शर्मा
शिवचंद्र राम (सोर्स सोशल मीडिया)
Shivchandra Ram Resignation: बिहार विधान परिषद चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल पार्टी (RJD) में अंदरूनी असंतोष खुल कर सामने आ गया है। पूर्व मंत्री शिवचंद्र राम ने पार्टी के नेतृत्व पर वादाखिलाफी और अपेक्षा का आरोप लगते हुए पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वह भावुक हो गए और फूट- फुटकर रोने लगे।
मंगलवार को राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने स्पष्ट करते हुए कहा कि शिवचन्द्र राम का इस्तीफा नामंजूर कर दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस्तीफे कि घोषणा के बाद पार्टी के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने शिवचन्द्र राम से बातचीत की और उन्हे मनाने का प्रयास किया। नेताओं कि पहल के बाद उन्होंने अपनी नाराजगी दूर की और पार्टी में बने रहने पर अपनी सहमति जताई।
उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए
तेज प्रताप यादव ने अपने सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि शिवचन्द्र का इस्तीफा बेहद दुखद और पीड़ादायक हैं। उन्होंने यह भी बताया कि राजद में कई सालों तक संगठन के लिए समर्पण भाव से कार्य किया है। संत रविदास के आदर्शों पर चलते हुए समाज को जोड़ने का कार्य भी किया है। तेज प्रताप ने पोस्ट में यह भी लिखा कि उनके योगदान का सम्मान होना चाहिए था। लेकिन उनके साथ जो व्यवहार हुआ वह बहुत ही निंदनीय है। उन्होंने एलान किया है कि जनशक्ति जनता दल पार्टी शिवचन्द्र राम के संघर्ष और सम्मान की लड़ाई में उनके साथ कंधे से कंधा मिल कर खड़ा है।
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राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का एलान
सोमवार को हुए नाटकीय घटनाक्रम के बीच शिवचन्द्र राम ने एससी, एसटी की उपेक्षा और सम्मान नहीं मिलने का आरोप लगते हुए पार्टी के अनुसूचित जाती-जनजाति प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने का एलान किया था। इस दौरान उन्होंने हालांकि पार्टी में रहने की बात भी कहा था। पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव को भेजे गए दो पन्नों के इस त्याग पत्र में राजद नेता शिवचन्द्र राम ने बिहार विधान परिषद की रिक्त सीट को लेकर दलित समाज और कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है।
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रोहिणी आचार्य ने उम्मीदवार चयन पर उठाए सवाल
परिषद सीट को लेकर दलित, रविदास समाज और हजारों समर्पित कार्यकर्ताओं में उम्मीद थी। लेकिन हाल की घटनाओं से समाज में निराश और पीड़ा बढ़ गई है। इस्तीफे कि घोषणा के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने की भी खबर सामने आई थी। एक रिपोर्ट के मुताबिक, संवार को राजद उम्मीदवार के रूप में डॉ. सुनील कुमार सिंह ने विधान परिषद चुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया था। उनकी उम्मीदवारी को लेकर पार्टी के भीतर भी असहमति के स्वर सुनाई दे रहे थे। राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव कि बेटी रोहिणी आचार्य ने भी अपने सोशल मीडिया के माध्यम से उम्मीदवार चयन पर सवाल उठाए थे। वहीं शिवचन्द्र राम के इस्तीफे का बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई थी। पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने भी उनकी नाराजगी को लेकर प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी जनशक्ति जनता दल उनके साथ खड़ी है। दूसरी ओर केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी इस मुद्दे को लेकर राजद पर निशान साधा था।
