
तेजस्वी यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
RJD National Executive Meeting Patna: बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) अपनी पहली बड़ी रणनीतिक बैठक करने जा रहा है। पटना में आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाने पर अंतिम मुहर लग सकती है। यह बैठक बिहार की भविष्य की सियासत के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बहुप्रतीक्षित बैठक आज, 25 जनवरी को बिहार की राजधानी पटना के होटल मौर्य में आयोजित की जा रही है। सुबह 11:30 बजे से शुरू होने वाली इस बैठक में हिस्सा लेने के लिए देश के 27 राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष पटना पहुंच चुके हैं। इस बैठक की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 200 से अधिक डेलिगेट्स और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सभी वरिष्ठ सदस्य शामिल हो रहे हैं।
पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की बात करें तो पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, सांसद मनोज झा और संजय यादव सहित राजद के तमाम दिग्गज नेता इस महामंथन का हिस्सा होंगे। विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद यह पार्टी की पहली बड़ी रणनीतिक बैठक है, जहां पार्टी अपनी भविष्य की दिशा तय करेगी।
इस बैठक का सबसे मुख्य एजेंडा तेजस्वी यादव को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाना माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बढ़ती उम्र और उनकी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए, अब संगठन की पूरी जिम्मेदारी एक युवा नेतृत्व को सौंपने की तैयारी है।
हालांकि, तेजस्वी यादव आधिकारिक घोषणा के बिना भी पहले से ही पार्टी के अधिकांश महत्वपूर्ण और नीतिगत निर्णय ले रहे हैं। संगठनात्मक मामलों से लेकर राजनीतिक गठबंधन और रणनीति तक, तेजस्वी की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। पार्टी के भीतर उन्हें सर्वसम्मति से भविष्य के नेता के तौर पर देखा जा रहा है, और आज की बैठक इस पर आधिकारिक मुहर लगा सकती है।
बैठक में केवल नेतृत्व परिवर्तन ही नहीं, बल्कि अनुशासन पर भी कड़ी चर्चा होने की संभावना है। सूत्रों का कहना है कि पिछले विधानसभा चुनाव में जिन नेताओं ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ काम किया या भितरघात किया, उनके खिलाफ ठोस और सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
आरजेडी नेतृत्व अब संगठन में व्यापक फेरबदल की योजना बना रहा है ताकि बदलते राजनीतिक परिवेश में खुद को अधिक सक्रिय, आधुनिक और जमीनी स्तर पर मजबूत किया जा सके। पार्टी का लक्ष्य न केवल बिहार में अपनी खोई हुई जमीन वापस पाना है, बल्कि अन्य राज्यों में भी संगठन का विस्तार करना है।
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गौरतलब है कि पिछले बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को भारी नुकसान उठाना पड़ा था और पार्टी महज 25 सीटों पर सिमट गई थी। तेजस्वी यादव, जो महागठबंधन की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा थे, चुनाव के बाद अपनी विदेश यात्रा को लेकर विपक्ष के निशाने पर रहे थे। लेकिन विदेश से लौटने के बाद तेजस्वी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में उन्होंने पटना स्थित अपने आवास पर पार्टी नेताओं के साथ मैराथन बैठकें की हैं। आज की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक यह तय करेगी कि तेजस्वी यादव किस रणनीति के साथ जनता के बीच जाएंगे और पार्टी को पुनर्जीवित करेंगे।






