रातभर इंतजार करते रहे नेता, कांग्रेस के 4 विधायक ‘नॉट रिचेबल’…बिहार में राज्यसभा के लिए वोटिंग से पहले खेला!
Bihar Hotel Politics: वोटिंग के पूर्व संध्या पटना के होटल पनाश में महागठबंधन के विधायकों की बैठक हुई, जहां कांग्रेस के चार विधायकों के नहीं पहुंचने पर सस्पेंस बन गया है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
राज्यसभा (Image- Social Media)
Bihar Rajya Sabha Election: बिहार में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पटना के प्रमुख होटल पनाश में महागठबंधन के विधायकों को मतदान से एक दिन पहले एकत्र किया गया। हालांकि कांग्रेस के चार विधायक पूरी रात होटल नहीं पहुंचे, जिनका इंतजार होता रहा। महागठबंधन के सूत्रों के मुताबिक फिलहाल इन विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है, जिससे राजनीतिक गलियारों में सस्पेंस बना हुआ है।
बिहार विधानसभा में कांग्रेस के कुल छह विधायक हैं। इनमें से अभी तक केवल दो किशनगंज से कमरूल होदा और चनपटिया से अभिषेक रंजन होटल पनाश पहुंचे हैं। कमरूल होदा ने कहा कि बाकी चार विधायक भी जल्द पहुंचेंगे और सभी कांग्रेस विधायक महागठबंधन के साथ मजबूती से खड़े हैं। जिन विधायकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है उनमें मनिहारी से मनोहर सिंह, फारबिसगंज से मनोज विश्वास, अररिया सदर से अब्दुर रहमान और वाल्मीकिनगर से सुरेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। महागठबंधन, खासकर आरजेडी के नेता, इन विधायकों से संपर्क साधने की कोशिश में लगे हैं।
बिहार में सियासी हलचल तेज
राज्यसभा चुनाव की रणनीति के तहत विधायकों को एक जगह ठहराना महागठबंधन की अहम रणनीति मानी जा रही है, ताकि किसी तरह की राजनीतिक उठापटक से बचा जा सके। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी होटल पनाश पहुंचे और विधायकों के साथ चर्चा की। आरजेडी विधायक भाई वीरेंद्र ने दावा किया कि महागठबंधन के पक्ष में कुल 48 विधायक हैं।
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इस बीच एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा ने कहा कि चुनाव को लेकर सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई गड़बड़ी करने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
होटल पनाश में एआईएमआईएम के सभी पांच विधायक और प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान भी मौजूद हैं, जो इस चुनाव में महागठबंधन का समर्थन कर रहे हैं। इस सियासी हलचल के बीच बिहार में राज्यसभा चुनाव काफी अहम माना जा रहा है।
भाई वीरेंद्र ने क्या कहा?
जब उनसे पूछा गया कि विपक्ष दावा कर रहा है कि चुनाव में उसे फायदा होगा, इस पर उनका क्या कहना है, तो उन्होंने कहा कि उनके पास कुछ खास नहीं है, लेकिन बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मीडिया ही इन दावों को ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा है और सही बात सामने आनी चाहिए।
एक अन्य सवाल के जवाब में भाई वीरेंद्र ने कहा कि महागठबंधन 48 का आंकड़ा पार करेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनके पास 41 विधायक हैं, लेकिन वे इसे बढ़ाकर 48 तक पहुंचाने का दावा कर रहे हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या दूसरी पार्टियों के विधायक भी उनके साथ आ रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि कुछ सदस्य उनके संपर्क में हैं, लेकिन वे अभी यह नहीं बता सकते कि वे किस पार्टी से हैं।
आज बिहार में राज्यसभा चुनाव
बिहार में आज राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। पांच सीटों के लिए सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे और नतीजे भी आज ही घोषित किए जाएंगे। इस बार एनडीए मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है, लेकिन पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है।
इस चुनाव में कुल छह उम्मीदवार मैदान में हैं, जिनके नामांकन वैध पाए गए हैं। जेडीयू की ओर से दो उम्मीदवार और भाजपा की तरफ से नितिन नबीन मैदान में हैं। वहीं विपक्ष और अन्य दलों के उम्मीदवार भी चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं।
पांचवीं सीट पर फंसा है पेंच
बिहार विधानसभा में कुल 243 विधायक हैं और एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कम से कम 41 वोटों की जरूरत होती है। मौजूदा स्थिति में एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जिससे उसके लिए चार सीटें जीतना आसान माना जा रहा है। वहीं विपक्षी महागठबंधन के पास करीब 41 विधायक हैं, जिसमें आरजेडी की भूमिका अहम है।
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हालांकि पांचवीं सीट को लेकर मुकाबला रोचक हो गया है, क्योंकि एआईएमआईएम और बीएसपी जैसे छोटे दलों के विधायक निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के पास पांच और बीएसपी के पास एक विधायक है, जो इस सीट के नतीजे को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में सभी दल पूरी रणनीति के साथ चुनावी मैदान में हैं।
