प्रियंका गांधी और प्रशांत किशोर कौन खिचड़ी पका रहे? दोनों की इस गुप्त मुलाकात के क्या मायने?
Prashant Kishor And Priyanka Gandhi : प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी के साथ मुलाकात और कांग्रेस में जन सुराज के विलय की खबरों पर चुप्पी तोड़ दी है। पीके ने प्रियंका से मुलाकात की बात स्वीकार की।
- Written By: रंजन कुमार
प्रियंका गांधी और प्रशांत किशोर।
Prashant Kishor And Priyanka Gandhi Met News : चुनावी रणनीतिकार से राजनेता बने प्रशांत किशोर इन दिनों अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर कयासों के केंद्र में हैं। हाल में दिल्ली में प्रियंका गांधी और पीके के बीच हुई एक गुप्त मुलाकात ने बिहार से लेकर दिल्ली तक सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। गोपालगंज में जब पत्रकारों ने उनसे सीधा सवाल किया कि क्या जन सुराज का कांग्रेस में विलय होने जा रहा तो पीके का जवाब न तो पूरी तरह हां था और न ही ना।
प्रियंका गांधी से मुलाकात के सवाल पर प्रशांत किशोर ने बेहद सहजता से कहा कि मुलाकातें तो होती रहती हैं। मैं दिल्ली गया था तो कुछ लोगों से मिला। इसमें वायरल होने जैसी क्या बात है? हालांकि, कांग्रेस के साथ विलय की खबरों को उन्होंने सोशल मीडिया की उपज बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर तो बहुत कुछ चलता रहता है, लेकिन जन सुराज को आगे ले जाने के लिए जो भी जरूरी होगा, हम वह करेंगे।
शून्य सीट के बाद गठबंधन की मजबूरी?
बिहार की राजनीति का इतिहास गवाह है कि यहां बिना गठबंधन के सत्ता की दहलीज तक पहुंचना लगभग नामुमकिन है। साल 2025 के विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने बड़ी मजबूती से दावेदारी पेश की थी, लेकिन नतीजों में उसे एक भी सीट नसीब नहीं हुई। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस हार ने पीके को अपनी रणनीति पर दोबारा सोचने को मजबूर कर दिया है।
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क्या होगा INDIA गठबंधन का रुख?
सवाल यह भी है कि प्रशांत किशोर कांग्रेस के करीब आते हैं, तो बिहार में कांग्रेस की सबसे पुरानी सहयोगी राजद (RJD) का रुख क्या होगा? क्या तेजस्वी यादव को प्रशांत किशोर की एंट्री स्वीकार होगी? फिलहाल बिहार में कोई चुनाव नहीं है, लेकिन प्रियंका गांधी और पीके की यह केमिस्ट्री भविष्य में एक नए राजनीतिक समीकरण की आहट जरूर दे रही है।
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असम चुनाव की कमान संभाल रहीं प्रियंका
फिलहाल प्रियंका गांधी असम विधानसभा चुनाव को लेकर व्यस्त हैं। वो असम के दौरे पर हैं। वहां जमीनी कार्यकर्ताओं से मिल रहीं और उनका फीडबैक ले रहीं हैं। प्रियंका ने कहा है कि जनता और जमीनी कार्यकर्ताओं के फीडबैक के आधार पर नेताओं को चुनाव का टिकट दिया जाएगा।
