Youth Congress News : दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हुए हाई प्रोफाइल हंगामे के मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। अंतरराष्ट्रीय नेताओं और दिग्गजों की मौजूदगी में शर्ट उतारकर विरोध प्रदर्शन करने वाले यूथ कांग्रेस के चार नेताओं को कोर्ट ने 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार और नरसिंह यादव के रूप में हुई है।
आज सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में दलील दी कि यह कोई सामान्य प्रदर्शन नहीं था। पुलिस के मुताबिक प्रदर्शनकारियों ने न केवल प्रधानमंत्री मोदी, बल्कि अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ भी नारेबाजी की।
दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से एक जैसे संदेश वाली टी-शर्ट प्रिंट कराईं और अलग-अलग राज्यों से यहां इकट्ठा हुए। प्रदर्शन के दौरान हाथापाई में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस को अंदेशा है कि इस घटना के पीछे कोई विदेशी फंडिंग या बड़ी साजिश हो सकती है, जिसकी जांच के लिए आरोपियों के मोबाइल फोन बरामद करना और अन्य फरार साथियों तक पहुंचना जरूरी है।
आरोपियों के वकील ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने दलील दी कि प्रदर्शनकारी शिक्षित युवा हैं और उनके पास डिग्रियां हैं। वकील ने कहा कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण था और किसी भी वीडियो में हिंसा नहीं दिख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह एफआईआर केवल एक राजनीतिक साजिश है क्योंकि आरोपी विपक्षी दल से जुड़े हैं। बचाव पक्ष ने कहा कि वैचारिक असहमति को इस तरह कुचलना युवाओं के करियर और लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
#WATCH दिल्ली: भारत मंडपम में AI समिट में अपने प्रोटेस्ट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए 4 इंडियन यूथ कांग्रेस नेताओं की वीडियो। उन्हें पटियाला हाउस कोर्ट लाया गया। दिल्ली पुलिस ने सभी आरोपियों की 5 दिन की कस्टडी मांगी। कोर्ट ने पुलिस कस्टडी और बेल एप्लीकेशन पर ऑर्डर सुरक्षित रख… pic.twitter.com/lfjIbmIBIn — ANI_HindiNews (@AHindinews) February 21, 2026
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दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की रिमांड अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने टिप्पणी की कि यदि आरोपी शिक्षित हैं तो समाज और कानून के प्रति उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन जैसे संवेदनशील आयोजन में इस तरह का व्यवहार देश की छवि को प्रभावित करता है। अब पुलिस अगले पांच दिनों में आरोपियों का सामना इलेक्ट्रॉनिक सबूतों से कराएगी, ताकि साजिश की कड़ियों को जोड़ा जा सके। इन सभी धाराओं के तहत दोषियों को 7 साल तक की सजा हो सकती है।