प्रेग्नेंट महिला को रोका, स्कूल जा रही टीचर से की धक्का-मुक्की… बिहार बंद में बवाल, 3 VIDEO
PM Narendra Modi की मां के खिलाफ की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में एनडीए द्वारा बुलाए गए बिहार बंद का असर पूरे राज्य में देखने को मिल रहा है। इस प्रदर्शन ने आम जनता को भी लपेटे में ले लिया।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
बिहार बंद के दौरान हुई झड़प, फोटो- सोशल मीडिया
Bihar Band: प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ की गई टिप्पणी के विरोध में शुरू किया गया बिहार बंद आंदोलन अब सड़कों पर टकराव का रूप ले चुका है। इस आंदोलन में आम जनता को भी दो-चार होना पड़ा। जहां एक तरफ एम्बुलेंस को रास्ता देने से रोक दिया गया तो वहीं महिलाओं से धक्का मुक्की भी की गई।
गुरुवार को जहानाबाद के अरवल मोड़ पर एनडीए कार्यकर्ता सुबह से ही विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन इसी दौरान माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। प्रदर्शन के दौरान जरूरी कामों से घर से बाहर निकले लोगों को फजीहत का सामना करना पड़ गया। कोई किसी जरुरी काम से घर से बाहर निकला था तो किसी को दफ्तर जाना था। किसी की परीक्षा थी तो कोई गंभीर रूप से बीमार था। लेकिन प्रदर्शन कर रहे लोगों ने भेदभाव न करते हुए सभी के साथ एक जैसी बदसलूकी की।
महिला कार्यकर्ताओं ने महिला से की धक्का-मुक्की
प्रदर्शन के बीच भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं और एक स्थानीय महिला के बीच तीखी बहस के बाद धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महिला जानबूझकर प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल कर रही थी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को भड़काने की कोशिश कर रही थी। महिला कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके लिए पिता तुल्य हैं और उनके खिलाफ इस तरह की भाषा पूरे देश का अपमान है। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ मोदी जी का नहीं, भारत माता की अस्मिता का अपमान है।”
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🚨 In Jehanabad, Bihar — a woman teacher opposed the bandh as she was rushing to school. 👉 BJP women workers responded with pushing & shoving instead of dialogue.#Bihar #Jehanabad #BJP #Bandh#BiharBandh pic.twitter.com/qqzBReq6P2 — Vivek Yadav (@Vivek_28_Yadav) September 4, 2025
वहीं आरोपी महिला ने सभी आरोपों से इनकार किया। खुद को शिक्षिका बताते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी प्रधानमंत्री के खिलाफ अपमानजनक भाषा का प्रयोग नहीं किया। उनका आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ता, खासतौर पर महिला कार्यकर्ता, माहौल को जानबूझकर बिगाड़ने की कोशिश कर रही हैं। शिक्षक ने शांतिपूर्वक समझाने की कोशिश की कि संगठन की ओर से शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी जरूरी सेवाओं को बंद से छूट दी गई है, लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनकी बात नहीं मानी और कथित रूप से हाथापाई की।
बीजेपी के कार्यकर्ता बिहार बंद के नाम पर रोड पर गुंडागर्दी कर रहे हैं एक बच्ची का आज एग्जाम है और जाम में फंसी हुई है और जाने तक नहीं दे रहे हैं!#माँ_का_अपमान_नहीं_सहेंगे pic.twitter.com/8vpXsjv2W1 — Vivek Yadav (@Vivek_28_Yadav) September 4, 2025
छात्रा और गर्भवती महिला को भी नहीं छोड़ा गया
एक अन्य वीडियो में परीक्षा देने जा रही एक छात्रा को भी रास्ते में रोक दिया गया। इसी दौरान एक एम्बुलेंस को रोके जाने का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक गर्भवती महिला सवार थी। इसके अलावा एक परिवार के साथ भी मारपीट की गई। यह घटनाएं बंद के शांतिपूर्ण स्वरूप पर सवाल खड़े करती हैं।
ये बिहार भाजपा का नेता गाड़ी में बैठी औरत को डिलीवरी के लिए नहीं जाने दे रहा है , कही उस महिला को है पेट में बच्चे को कुछ हो गया तो ये मोदी जी के मां का सम्मान हो जाएगा। 😡 pic.twitter.com/8i38EBeIEX — Vivek Yadav (@Vivek_28_Yadav) September 4, 2025
मुजफ्फरपुर में RAF और भाजपा समर्थकों में झड़प
बिहार बंद के दौरान मुजफ्फरपुर में स्थिति और ज्यादा बिगड़ गई। यहां भाजपा समर्थकों और RAF जवानों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-27 को जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं। कई घंटे तक यातायात ठप रहा RAF जवानों और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जिसके बाद पुलिस बल ने स्थिति को काबू में किया।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। राजद और कांग्रेस नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया पर कई वीडियो शेयर किए हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बंद को शांतिपूर्ण बताया जा रहा है, तो फिर महिलाओं, छात्राओं और जरूरी सेवाओं को क्यों रोका जा रहा है।
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एनडीए की ओर से कहा गया है कि बिहार बंद का मकसद विरोध दर्ज कराना था, और कुछ स्थानीय घटनाएं बंद की छवि को खराब करने की साजिश हो सकती हैं। प्रधानमंत्री की मां के खिलाफ की गई टिप्पणी के विरोध में शुरू हुआ यह आंदोलन अब सड़कों पर टकराव का रूप ले चुका है। जहानाबाद से लेकर मुजफ्फरपुर तक कई स्थानों पर हिंसा, हाथापाई और सेवाओं में बाधा की खबरें सामने आई हैं। प्रशासन को अब अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है, ताकि स्थिति नियंत्रण में बनी रहे।
