Bihar BJP में अंदरुनी कलह! आरके सिंह ने दिखाए बागी तेवर, बोले- ‘प्रशांत किशोर के आरोपों पर जवाब…’

Bihar की सियासत में प्रशांत किशोर के आरोपों ने भूचाल ला दिया। भाजपा नेता आरके सिंह ने अपनी ही पार्टी के सम्राट चौधरी और दिलीप जायसवाल से सार्वजनिक जवाब देने की मांग की है। जानिए क्या है पूरा मामला।
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भाजपा नेता आरके सिंह, फोटो- सोशल मीडिया
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Jan Suraj Party के प्रमुख प्रशांत किशोर की ओर से NDA के नेताओं पर लगाए गए भ्रष्टाचार और आपराधिक आरोपों के बाद अब NDA के भीतर ही घमासान मच गया है। बीजेपी नेता आरके सिंह ने पार्टी नेताओं से साफ कहा है कि वे चुप न रहें, या तो सफाई दें या फिर कानूनी कार्रवाई करें।

जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और जेडीयू के अशोक चौधरी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इनमें हत्या, फर्जी डिग्री और भ्रष्टाचार जैसे मामले शामिल हैं। इन आरोपों के बाद NDA में घमासान शुरू हो गया है।

आरके सिंह के बयान से सियासी भूचाल

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री आरके सिंह ने कहा कि इन आरोपों पर जिन नेताओं के नाम लिए गए हैं, उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपों पर चुप्पी सरकार और पार्टी दोनों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाती है। यदि आरोप गलत हैं, तो मानहानि का केस करें, और अगर सही हैं, तो इस्तीफा दें।

“या तो बोलिए या फिर कार्रवाई कीजिए”

आरके सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा, “अगर किसी पर हत्या या जमीन हड़पने का आरोप है तो उसे साफ-साफ जवाब देना चाहिए। अगर नहीं देंगे, तो लोग मान लेंगे कि आरोप सही हैं। या तो जवाब दीजिए, या कोर्ट जाइए। वरना साख पर असर पड़ेगा।” उन्होंने कहा कि बीजेपी को इस मामले में कठोर कदम उठाने चाहिए। अगर पार्टी उनके बयान को अनुशासनहीनता माने, तो भी उन्हें परवाह नहीं।

जेडीयू नेता अशोक चौधरी पर भी दागे सवाल

आरके सिंह ने यह भी कहा कि जब जेडीयू प्रवक्ता ने अशोक चौधरी से स्पष्टीकरण मांगा, तो यह जरूर नीतीश कुमार की सहमति से हुआ होगा। उन्होंने नीतीश कुमार की ईमानदारी की तारीफ करते हुए कहा कि वे अपने पहले कार्यकाल में अधिकारियों को फ्री-हैंड देते थे और कभी हस्तक्षेप नहीं करते थे।

अब जानिए प्रशांत किशोर के आरोप क्या हैं?

प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी को "नाम बदलने का विशेषज्ञ" कहा और आरोप लगाया कि 1998 में कांग्रेस नेता सदानंद सिंह की हत्या में उनका नाम आया था। उन्हें नाबालिग दिखाकर छह महीने में जेल से छुड़वाया गया। दिलीप जायसवाल पर हत्या में संलिप्तता और एक माइनॉरिटी मेडिकल कॉलेज पर अवैध कब्जे का आरोप है। पीके ने अशोक चौधरी पर 200 करोड़ के भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। उन्होंने दावा किया कि यदि उनके दावे गलत हैं तो उनपर केस कर दीजिए।

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